Jharkhand: धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या के मामले में आज बुधवार, 27 अगस्त 2025 को फैसला आने वाला है। इस बहुप्रतीक्षित फैसले का इंतजार पूरे 8 साल 5 महीने 6 दिन से किया जा रहा है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-16 सह विशेष न्यायाधीश दुशरथ चंद्र अवस्थी की अदालत शाम 4 बजे अपना निर्णय सुनाएगी। इस केस ने न केवल धनबाद बल्कि पूरे झारखंड की राजनीति और आपराधिक नेटवर्क को गहराई से प्रभावित किया है।
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कौन थे नीरज सिंह और क्यों बने निशाना
नीरज सिंह धनबाद नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर थे और कांग्रेस पार्टी में उनकी पहचान एक उभरते हुए नेता के तौर पर थी। राजनीति के साथ-साथ उनका कोयला कारोबार से भी गहरा रिश्ता था। 21 मार्च 2017 को दिनदहाड़े धनबाद में उन पर हमला हुआ जिसमें नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे राज्य को हिला दिया था और लंबे समय तक धनबाद में तनाव का माहौल बना रहा।
अदालत में लंबा चला ट्रायल
हत्या के बाद दर्ज मामले में 4 अगस्त 2017 को आरोप गठन किया गया। इसके बाद लगातार 408 तारीखों पर सुनवाई होती रही। आखिरकार 13 अगस्त 2025 को दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी हुई और अब अदालत 27 अगस्त 2025 को अपना फैसला सुनाने जा रही है। कुल 11 आरोपियों में से 10 पर अदालत का निर्णय आ सकता है। इनमें झरिया के पूर्व विधायक संजय सिंह, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, डब्लू मिश्रा, विनोद सिंह, सागर सिंह उर्फ शिबु, चंदन सिंह, कुर्बान अली, पंकज सिंह और रघवीर धनंजय उर्फ धनंजय शामिल हैं। तीन आरोपी इस वक्त विभिन्न जेलों में बंद हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होंगे, जबकि सात आरोपी जमानत पर बाहर हैं।
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फैसले का राजनीतिक असर
यह केस केवल हत्या की घटना भर नहीं है, बल्कि धनबाद और झारखंड की राजनीति के समीकरणों को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाला मामला है। फैसले के बाद यह स्पष्ट होगा कि आरोपियों को सजा मिलेगी या वे बरी होंगे। अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह झारखंड की राजनीति में बड़ा झटका साबित हो सकता है। वहीं, अगर आरोपी बरी होते हैं तो पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े हो सकते हैं।
शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
फैसले के मद्देनजर धनबाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। कोर्ट से डीआरएम चौक तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। कोर्ट मार्ग पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है और चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरी तरह चौकस है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
अमन सिंह हत्याकांड से जुड़ा लिंक
नीरज सिंह हत्याकांड से जुड़े कुछ नाम आगे चलकर जेल के भीतर हुई घटनाओं से भी जुड़ गए। इस मामले के शार्प शूटर अमन सिंह की 3 दिसंबर 2023 को धनबाद जेल में हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में प्रयागराज निवासी रिंकू सिंह का नाम सामने आया। रिंकू नीरज सिंह हत्याकांड का भी आरोपी है, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और कभी ट्रायल कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ।
जांच और फरार आरोपी
पुलिस ने इस हत्याकांड की जांच के बाद 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। हालांकि छह अन्य लोगों पर जांच अब भी जारी है। इनमें गया सिंह, महंत पांडेय, संतोष, मोनू, रिंकू उर्फ विकास उर्फ धर्मेंद्र सिंह और सिद्धार्थ गौतम उर्फ मनीष का नाम शामिल है। रिंकू जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर फरार हो गया, जबकि संतोष सिंह घटना के बाद से ही पुलिस की पकड़ से बाहर है।
इसी तरह कुर्बान अली को झारखंड हाईकोर्ट ने मार्च 2025 में जमानत दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश को निलंबित कर दिया। इसके बावजूद वह जेल वापस नहीं गया और अब तक फरार है।
आज के फैसले पर निगाहें
आज शाम 4 बजे अदालत का जो भी फैसला आएगा, वह केवल इस हत्याकांड का अंत नहीं करेगा बल्कि झारखंड की राजनीति और अपराध जगत पर गहरा असर डालेगा। फैसले से यह तय होगा कि नीरज सिंह और उनके साथियों की हत्या का न्याय मिलेगा या लंबे समय तक चली इस कानूनी लड़ाई का अंत आरोपियों की रिहाई के साथ होगा।












