देवघर, झारखंड: इस बार का श्रावणी मेला आधुनिक तकनीकों के सहारे अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित होगा. झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सोमवार को देवघर सर्किट हाउस में देवघर और दुमका (बासुकिनाथ) की तैयारी की समीक्षा के दौरान कहा कि श्रद्धालुओं को सुलभ और सुरक्षित दर्शन की सुविधा देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं.
VIP ट्रीटमेंट पर रोक
मंत्री ने स्पष्ट किया कि बाबा बैद्यनाथ मंदिर में इस बार किसी को भी वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलेगा. साथ ही रविवार और सोमवार को शीघ्रदर्शनम की सुविधा भी उपलब्ध नहीं रहेगी, जिससे सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर प्राप्त होगा.
श्रद्धा और टेक्नोलॉजी का संगम
इस वर्ष पहली बार रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन (RFID) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है. इससे छोटे बच्चों, दिव्यांगों और बुजुर्गों पर विशेष नजर रखी जा सकेगी. साथ ही, मेला क्षेत्र में QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम भी शुरू किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा.
टेंट सिटी में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं. वहीं, डीसी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नेशनल हाईवे और मेला क्षेत्र में आपसी समन्वय से आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार का श्रावणी मेला केवल श्रद्धा का उत्सव नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और सेवा का एक नया उदाहरण भी होगा.












