Ranchi: 10 जुलाई 2025 – झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज रांची में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्य के हित में 31 महत्वपूर्ण मांगें रखते हुए विकास, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर दिया। उन्होंने झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की साझा ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए “सहकारी संघवाद” की भावना से सहयोग की अपील की।
मुख्यमंत्री ने किन-किन मुद्दों पर रखीं मांगे?
पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
- आदिवासी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने का सुझाव।
- MSME के माध्यम से रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती की बात।
- मैयां सम्मान योजना के तहत 18-50 वर्ष की महिलाओं को ₹2500 मासिक सहायता देने की योजना का जिक्र।
खनन और राजस्व संबंधी मांगें
- कोल कंपनियों से ₹1.40 लाख करोड़ की बकाया राशि की शीघ्र वसूली।
- DMFT नीति में संशोधन और PSU में स्थानीयों को प्राथमिकता देने की मांग।
- बंद पड़ी खदानों के सुरक्षित बंदीकरण (Mines Closure) पर जोर।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
- ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए केंद्र से सहयोग की अपील।
- RIMS-2 और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में केंद्र सरकार से भागीदारी की उम्मीद।
- SC/ST/OBC छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं में विस्तार और केंद्र की सहायता की मांग।
कनेक्टिविटी और अधोसंरचना विकास पर फोकस
- साहेबगंज-रांची एक्सप्रेसवे और रांची मेट्रो परियोजना का प्रस्ताव।
- रेलवे नेटवर्क विस्तार और लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने की अपील।
- रामरेखा धाम को रामायण सर्किट और बौद्ध स्थलों को बौद्ध सर्किट से जोड़ने की मांग।
गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सहायता योजनाएं
- प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा की मजदूरी दरें महंगाई के अनुरूप बढ़ाने का अनुरोध।
- पेंशन योजनाओं में केंद्र का अंशदान ₹1000 मासिक करने की अपील।
- गरीब परिवारों के लिए 15 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देने की योजना।
पर्यावरण और जल प्रबंधन
- दामोदर नदी को नमामि गंगे योजना में शामिल करने की मांग।
- सिंचाई परियोजनाओं के लिए केंद्र से साझेदारी की अपेक्षा।
संविधानिक अधिकार और संघीय ढांचे पर चिंता
- CBA एक्ट में संशोधन का विरोध और खनन के बाद भूमि का नियंत्रण राज्य को देने की अपील।
- COMFED, होटल अशोक और अन्य संपत्तियों के बंटवारे पर नीति निर्धारण की जरूरत बताई।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा,
“झारखंड के विकास के लिए केंद्र का सहयोग बेहद जरूरी है। हमारी मांगे राज्य के लोगों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम हैं।”













