Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में RTE (Right to Education) के तहत वंचित वर्ग के बच्चों के प्रवेश को लेकर लापरवाही बरतने वाले निजी स्कूलों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है।
उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में उन स्कूलों को कड़ी फटकार लगाई गई जिन्होंने आरटीई के तहत 25% सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं की।
अब तक 672 में 493 बच्चों का हुआ नामांकन, बाकी स्कूलों को अल्टीमेटम
रांची जिला के 121 मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कुल 1217 सीटें आरटीई के तहत आरक्षित हैं। इस बार पहली बार पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की गई, जिसमें 1744 आवेदन आए। लॉटरी के माध्यम से 1158 वैध आवेदनों में से 672 बच्चों का चयन हुआ।
अब तक इनमें से 493 बच्चों का नामांकन सफलतापूर्वक हो चुका है। शेष 116 मामलों में स्कूलों ने दस्तावेजों की मांग करते हुए नामांकन रोका है, जिसे उपायुक्त ने शिक्षा एडमिन को जांच कर पुनः स्कूलों के लॉगिन पर भेजने का निर्देश दिया है।
अनुपस्थित स्कूलों को कारण बताओ नोटिस और अंतिम चेतावनी
आज की बैठक में अनुपस्थित रहे कई प्रतिष्ठित स्कूलों पर भी कार्रवाई के संकेत दिए गए। संत अलोईस स्कूल, संत अरविंदो एकेडमी, संत कोलंबस, छोटानागपुर पब्लिक स्कूल, जेवियर स्कूल धुर्वा, आरबी स्प्रिंगडेल पब्लिक स्कूल, आईटीसी पब्लिक स्कूल मुरी और डॉन बॉस्को इंग्लिश मीडियम स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि अगर निर्धारित समय सीमा में शेष नामांकन पूरे नहीं किए गए तो उन स्कूलों की मान्यता रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी।
DPS रांची को मिली कड़ी फटकार
DPS रांची द्वारा 24 बच्चों के नामांकन को दस्तावेजों के बहाने रोकने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई और शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में वैध छात्रों के नामांकन की अनुशंसा की जाए।
जन शिकायत के लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन
रांची जिला प्रशासन ने अभिभावकों की शिकायतों के लिए “अबुआ साथी” व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9430328080 जारी किया है।












