Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची के डुमरदगा निवासी स्व. आशीष कुमार का पार्थिव शरीर आखिरकार 39 दिनों की लंबी प्रतीक्षा के बाद कॉन्गो से उनके वतन पहुँचा। यह संभव हुआ आजसू पार्टी और उसके केंद्रीय महासचिव एवं हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी संजय मेहता के लगातार प्रयासों से।
आशीष कुमार 16 सितंबर 2024 को रोज़गार के सिलसिले में अफ्रीका के कॉन्गो गए थे। वहां 21 जुलाई 2025 को उनका आकस्मिक निधन हो गया। इसके बाद उनके शव को भारत लाने की प्रक्रिया में परिजनों को कई प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ा।
संजय मेहता ने की लगातार पहल
आशीष की पत्नी पूनम कुमारी ने जब आजसू पार्टी से मदद मांगी, तो श्री संजय मेहता ने तुरंत पहल करते हुए विदेश मंत्रालय और कॉन्गो स्थित भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क साधा। उन्होंने कॉन्गो की कंपनी सॉकेरिको सर्ल के प्रबंधक और अधिकारियों से भी बात की और विलंब करने पर फटकार लगाई। कई बाधाओं के बाद अंततः 28 अगस्त की देर रात आशीष का शव मुंबई होते हुए रांची पहुँचा।
परिजनों ने जताया आभार
स्व. आशीष कुमार का अंतिम संस्कार शुक्रवार, 29 अगस्त को रांची के हरमू मुक्तिधाम में पूरे सम्मान के साथ किया गया।
शोकाकुल परिजनों ने कहा –
“हमने शव की वापसी की सारी उम्मीदें खो दी थीं, लेकिन आजसू पार्टी और संजय मेहता जी के अथक प्रयासों ने हमें नया विश्वास दिलाया। इसके लिए हम जीवनभर आभारी रहेंगे।”
परिजनों ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और कॉन्गो में भारतीय दूतावास का भी आभार प्रकट किया।
आजसू पार्टी की प्रतिबद्धता
इस अवसर पर संजय मेहता ने कहा –
“आजसू पार्टी हमेशा जनसेवा और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध रही है। आशीष कुमार का पार्थिव शरीर स्वदेश लाना न केवल परिवार की भावनाओं का सम्मान था बल्कि यह हमारा नैतिक और मानवीय दायित्व भी था।”












