Ranchi: जिला प्रशासन रांची ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशन और जिला शिक्षा अधीक्षक के नेतृत्व में “प्री समेटिव असेसमेंट-1 (पूर्व योगात्मक मूल्यांकन-2025)” का सफल आयोजन किया गया।
यह परीक्षा रांची जिले के सभी सरकारी, अल्पसंख्यक और मान्यता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा पहली से आठवीं तक के छात्रों के लिए आयोजित की गई।
उद्देश्य और महत्व
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अध्ययन-अध्यापन का मूल्यांकन, राज्य सरकार द्वारा आयोजित परीक्षाओं की तैयारी को सुदृढ़ करना और 100% गुणवत्तापूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करना है।
परीक्षा JCERT के प्रश्न-पत्र प्रारूप के आधार पर आयोजित की गई, जिसे जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा गठित PROJECT TEAM (TESTING, EVALUATION, ASSESSMENT and MENTORING) के विशेषज्ञ शिक्षकों ने तैयार किया।
प्रमुख उपलब्धियां
छात्र उपस्थिति – औसतन 85-90% उपस्थिति दर्ज हुई, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
उत्साहपूर्ण सहभागिता – छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में इस परीक्षा को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला।
NEP 2020 अनुरूप परीक्षा – माहवार स्प्लिट सिलेबस का पूरा कवरेज और छात्रों को स्व-मूल्यांकन का अवसर।
कमियों की पहचान – परिणाम विश्लेषण के आधार पर विषयवार और छात्रवार कमजोरियों को चिन्हित कर सुधारात्मक कार्ययोजना बनाई जाएगी।
परीक्षा भय से मुक्ति – छोटे बच्चों में आत्मविश्वास और समस्या-समाधान का दृष्टिकोण विकसित हुआ।
बेहतर परिणाम की संभावना – जिला/राज्य/बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत सहभागिता और उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद।
टीमवर्क का उदाहरण – जिला प्रशासन, शिक्षक, विद्यालय प्रबंधन, अभिभावक और समुदाय के सामूहिक प्रयास की मिसाल।
शिक्षा के क्षेत्र में रांची की बड़ी उपलब्धि
जिला प्रशासन ने इस पहल को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और रांची जिले को शैक्षिक उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करने वाला कदम बताया। सभी छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और हितधारकों को उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद और शुभकामनाएँ दी गईं।












