Jharkhand: रांची पुलिस ने लालपुर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल की आड़ में चल रहे बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि 8 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गिरोह का सरगना रामगढ़ नया सराय निवासी मो. मुजीबुल रहमान और उसकी सहयोगी वीणा देवी शामिल हैं।
हॉस्टल संचालक को मिलता था कमीशन
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि रैकेट का सरगना मुजीबुल हॉस्टल संचालक राज कुमार सिंह को प्रति लड़की प्रति दिन 400 रुपये कमीशन देता था। इसके बदले में इन लड़कियों को हॉस्टल में रहने की सुविधा दी जाती थी। राज कुमार सिंह अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
रांची में फैला एजेंट नेटवर्क
पुलिस की जांच में सामने आया है कि मुजीबुल ने रांची में 5 एजेंट तैनात कर रखे थे। इनमें होटल साइन राइज का मैनेजर रंजीत, मुनीर, रवि, राहुल और राजन शामिल हैं। ये एजेंट लोकेशन तय करते थे और लड़कियों को वहीं भेजा जाता था। सभी भुगतान ऑनलाइन माध्यम से होता था।
ग्राउंड फ्लोर पर देह व्यापार, ऊपर की मंजिल पर छात्राएं
गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्था भी चौंकाने वाली थी।
- पहली और दूसरी मंजिल पर कॉलेज की छात्राएं रहती थीं।
- ग्राउंड फ्लोर को देह व्यापार के लिए इस्तेमाल किया जाता था, जहां बाहर से लाई गई लड़कियों को रखा जाता था।
पश्चिम बंगाल और बिहार से लाई जाती थीं लड़कियां
गिरोह की सप्लाई चेन भी पुलिस ने उजागर की है। लड़कियों को पश्चिम बंगाल (हुगली, नादिया, खड़गपुर, आसनसोल, वर्धमान), उड़ीसा (केंद्रपाड़ा) और बिहार (बेगूसराय, धनसार) से लाया जाता था। इनकी सप्लाई कोलकाता के दलाल सुमोन दा उर्फ राजू के जरिए मुजीबुल तक होती थी। रांची में मुजीबुल और वीणा देवी मिलकर लड़कियों को विभिन्न होटलों और घरों में भेजते थे।












