Dhanbad News: धनबाद शहर में आस्था और अंधविश्वास का खेल अब कारोबार का नया जरिया बन गया है। यहां कुछ दुकानदारों ने अपनी ज्वेलरी और कपड़ों की बिक्री बढ़ाने के लिए “ज्योतिष” का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, बाजार के बीचों बीच कुछ ऐसे दुकान पर ज्योतिषी बैठाकर महंगे रत्न बेचे जा रहे हैं। ज्योतिष के नाम पर भीड़ जुटाई जाती है और इसी भीड़ का फायदा उठाकर दुकानदार अपने गहनों और कपड़ों का भी प्रचार-प्रसार करता है।
लोगों को ग्रह-नक्षत्र के भय और भविष्यवाणी के लालच में उलझाकर महंगे रत्न खरीदने के लिए प्रेरित किया जाता है। वहीं, दुकान मालिक इस मौके का इस्तेमाल कर अपने अन्य सामानों की बिक्री भी बढ़ा रहे हैं।
स्थानीय कुछ लोगों का कहना है कि यह सब ज्योतिष के भरोसे दुकान का खेल है, जिसमें आस्था को व्यापार का साधन बनाया जा रहा है।
क्या कहते है ज्योतिष:-
ज्योतिष अशोक शास्त्री ने कहा कि ज्वेलरी बाजारों में अच्छे दामों पर रत्न बेचा जाता है, इसलिए क्योंकि उसमें कमीशन का खेल है। ज्वेलरी बाजारों में ज्यादा माल मंगवाया जा रहा है, उसको खपाने के लिए ज्योतिष का सहारा लिया जाता है।
चन्दन शास्त्री ने बताया कि इसमें मुख्य 9 रत्न होते है, 84 उप रत्न है। उन्होंने कहा कि ज्वेलरी बाजारों में कम दामों वाले रत्न भी महंगे बेचे जा रहे है। इसमें दुकान और ज्वेलरी बाजार में ज्योतिष को कमीशन पर रखा जाता है। जिसमें 60/ 40 का खेल है।
राम मूर्ति पाठक की रिपोर्ट।













