Career News: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ा निर्देश दिया है कि 2026 तक झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) का आयोजन हर हाल में किया जाए। कोर्ट ने साफ कहा है कि जब तक J-TET का आयोजन नहीं होता और उसका परिणाम घोषित नहीं हो जाता, तब तक राज्य में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की जाए।
कोर्ट में क्या हुआ?
बुधवार को जस्टिस आनंद सेन की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने शिक्षा सचिव को तलब किया था, जिनकी आज अदालत में हाजिरी दर्ज हुई।
- कोर्ट ने 2016 से अब तक J-TET नहीं होने पर नाराज़गी जताई।
- कहा गया कि नियमों का पालन अनिवार्य है और शिक्षक भर्ती से पहले TET ज़रूरी है।
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याचिकाकर्ता क्या कह रहे हैं?
यह याचिका हरिकेष महतो समेत 401 अभ्यर्थियों द्वारा दायर की गई थी। याचिका में कहा गया:
- 2016 के बाद J-TET का आयोजन नहीं हुआ है।
- सरकार ने कहा है कि 2016 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की वैधता आजीवन रहेगी।
- लेकिन इससे नए अभ्यर्थियों को परीक्षा देने का मौका नहीं मिला।
- सरकार ने बिना TET आयोजित किए 26001 सहायक आचार्यों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज और कुशाल कुमार ने पक्ष रखा।
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क्या बोले जज?
- कोर्ट ने पूछा: “अब तक J-TET क्यों नहीं हुई?”
- अदालत ने इसे अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन बताया।
- कहा गया कि योग्य उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने से वंचित किया गया है, जिससे उनके मौलिक अधिकारों का हनन हुआ है।












