Jharkhand: कड़ी तलाश के बाद, अंतरराष्ट्रीय अपराधी मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा को झारखंड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते रामगढ़ जेल से जमशेदपुर स्थित घाघीडीह केंद्रीय कारागार स्थानांतरित किया जाएगा।
जेल आईजी सुदर्शन मंडल के अनुसार, स्थानांतरण के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह स्थानांतरण रामगढ़ जेल प्रशासन द्वारा मयंक को वहाँ रखने की सुरक्षा और कैदी व जेल, दोनों के लिए उत्पन्न खतरों को लेकर चिंता व्यक्त करने के बाद किया गया है।
रामगढ़ जेल ने सुरक्षा कारणों से स्थानांतरण की सिफारिश की
मयंक सिंह, किसी अन्य देश (अज़रबैजान) से प्रत्यर्पित किया गया झारखंड का पहला अपराधी, प्रत्यर्पण के बाद मूल रूप से रामगढ़ जेल में रखा गया था। अधिकारियों ने पाया कि जेल इतने हाई-प्रोफाइल कैदी के लिए पर्याप्त सुरक्षित नहीं है और उसे किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का सुझाव दिया। इस सुझाव के बाद, जेल आईजी ने मयंक को उच्च सुरक्षा वाली घाघीडीह सेंट्रल जेल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया, और यह स्थानांतरण शुरू हो गया है।
विभिन्न जिलों में कई गंभीर आरोप
पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि मयंक सिंह के खिलाफ बड़कागांव, उरमारी और दाड़ीकला पुलिस थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये हैं:
* बड़कागांव थाना केस संख्या: 198/21, 252/21, 256/21, 287/23, 208/23
* उरमारी थाना केस संख्या: 196/21
* दाड़ीकला थाना केस संख्या: 182/23
उस पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 385 और 387 के तहत जबरन वसूली और आपराधिक धमकी का आरोप लगाया गया है।
गैंगस्टर अमन साहू से संबंध और एटीएस की जारी जाँच
मयंक सिंह की पहचान खूंखार गैंगस्टर अमन साहू के करीबी सहयोगी के रूप में हुई है। उसे बुधवार को अदालत में पेश किया गया और रामगढ़ जेल से रांची स्थित आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) कार्यालय लाया गया। एटीएस ने उसे छह दिन की रिमांड पर लिया है ताकि उससे राज्य में सक्रिय हथियार तस्करी, जबरन वसूली गिरोहों और संगठित अपराध नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा सके।
अधिकारियों का संकेत है कि पूछताछ का उद्देश्य मयंक के सिंडिकेट और झारखंड तथा आसपास के राज्यों में सक्रिय अन्य आपराधिक गिरोहों के बीच महत्वपूर्ण संबंध स्थापित करना है।












