Jharkhand: ईडी कुख्यात वासेपुर गैंगस्टर प्रिंस खान और उसके भाई गोपी खान पर अवैध संपत्तियों के बारे में नए खुलासे के बाद शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। एजेंसी धनबाद पुलिस द्वारा हाल ही में की गई जांच के बाद, दोनों के स्वामित्व वाली संपत्तियों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटा रही है, जिसमें झारखंड, कोलकाता और दुबई में व्यापक रियल एस्टेट और जबरन वसूली की गतिविधियों से उनके तार जुड़े होने का पता चला है।
सूत्रों ने बताया कि ईडी ने पिछले साल प्रिंस खान के खिलाफ प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दायर की थी और रांची में उनके करीबी सहयोगी शकील से पूछताछ की थी। जांचकर्ताओं ने प्रिंस के चाचा और कट्टर प्रतिद्वंद्वी, फहीम खान के परिवार से भी अघोषित संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगी थी।
पुलिस की नई खोजों से ईडी की जाँच मज़बूत हुई
धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस ने प्रिंस के सहयोगी तौसीफ आलम उर्फ मूसा से ज़मीन और फ्लैट के कई दस्तावेज़ बरामद किए हैं, जिनमें कोलकाता के एक फ्लैट के कागजात भी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, दुबई से काम कर रहे प्रिंस खान ने बेनामी नामों से रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और लॉन्ड्रिंग के कारोबार में करोड़ों रुपये का निवेश किया।
आरोप है कि जबरन वसूली और अवैध ज़मीन सौदों से जुटाए गए धन को कोलकाता स्थित एक रेस्टोरेंट (जो उसकी पत्नी के नाम पर पंजीकृत है) और दुबई में लॉन्ड्री के कारोबार जैसी संपत्तियों में लगाया गया। पुलिस का दावा है कि प्रिंस और गोपी ने अपने आपराधिक नेटवर्क की कमाई से एक “भूमिगत साम्राज्य” खड़ा किया।
तीन करीबी सहयोगी पुलिस रिमांड पर
पुलिस ने प्रिंस और गोपी खान के तीन सहयोगियों – परवेज़ खान, सैफ आलम उर्फ राशिद और तौसीफ आलम उर्फ मूसा को दो दिन की रिमांड पर लिया है। छापेमारी के दौरान 17 लाख रुपये से ज़्यादा नकद और ज़मीन के कई दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए।
पूछताछ के दौरान, तौसीफ ने कथित तौर पर कबूल किया कि उसने भाइयों से वसूली गई लगभग 2 करोड़ रुपये की रकम रियल एस्टेट में लगाई थी। पुलिस अब इसकी पुष्टि कर रही है और पैसे के लेन-देन का पता लगा रही है।
वासेपुर की आपराधिक विरासत: कोयले से भू-माफिया तक
वासेपुर के आपराधिक साम्राज्य की कहानी, जिसे फिल्म गैंग्स ऑफ़ वासेपुर ने लोकप्रिय बनाया, मूल रूप से कोयला और लोहे के व्यापार पर आधारित थी। हालाँकि, पिछले डेढ़ दशक में, ध्यान ज़मीन के सौदों पर केंद्रित हो गया है, जो स्थानीय माफियाओं के लिए सोने की नई खान बन गया है।
पुलिस जाँच से पता चलता है कि प्रिंस और गोपी खान वासेपुर, भूली बाईपास, पंडरपाला, गोविंदपुर-साहिबगंज रोड और बरवाअड्डा में ज़मीन के लेन-देन में या तो सीधे या अपने दलालों के नेटवर्क के ज़रिए दबदबा रखते हैं।
रंजिश और बदला: धंधे के पीछे खूनी सफ़र मई 2021 में अपने व्यापारिक साझेदार सरफुल हसन उर्फ लाला की हत्या के बाद प्रिंस खान का भू-माफिया की दुनिया में उदय खूनी हो गया। बदले की कार्रवाई में, प्रिंस ने कथित तौर पर नवंबर 2021 में फहीम खान के करीबी सहयोगी नन्हे खान की हत्या का आदेश दिया। इसके तुरंत बाद, दोनों भाई दुबई भाग गए, जहाँ उन्होंने दूर से ही अपना कारोबार जारी रखा और अपने अवैध वित्तीय नेटवर्क का विस्तार किया। धनबाद पुलिस और ईडी दोनों अब पैसों के लेन-देन की जांच में जुट गए हैं। सूत्रों का मानना है कि वासेपुर के अंडरवर्ल्ड पर एक बड़ी कार्रवाई जल्द ही होने वाली है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
Expertise: Journalism • Digital Media • Ground Reporting • Content & Social Media • Video Production • News Analysis








