Jharkhand: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को भी शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों ने महत्वपूर्ण स्थान बनाया। दुमका से जुड़े शिक्षा संबंधी प्रश्नों के साथ-साथ धनबाद की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सदस्यों ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। सदस्यों का कहना था कि दुमका में केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 के तहत विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए केंद्र की ओर से भूमि उपलब्धता का स्पष्ट निर्देश आता है, उसके बाद राज्य सरकार की भूमिका शुरू होती है, लेकिन इस प्रक्रिया में देरी से चिंता बढ़ रही है।
दुमका की शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, मंत्री ने दिया जवाब
माननीय सदस्यों ने दुमका में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना संबंधी कार्यवाही तेज की जानी चाहिए ताकि क्षेत्र में उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिल सके। इस पर *शिक्षा मंत्री सुधीव्या सोनू* ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई कर रही है और पूरा मामला प्राथमिकता में है।
धनबाद की स्वास्थ्य सेवाएं चिंता का विषय: विधायक रागिनी सिंह
धनबाद की विधायक रागिनी सिंह ने PMCH की स्थिति पर कड़ा प्रश्न उठाते हुए कहा कि—
अस्पताल में प्रतिदिन 1100 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं,लेकिन साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है, अभी तक नई बिल्डिंग बनकर तैयार होने के बाद भी संचालन शुरू नहीं हो पाया है.पुरानी इमारत जर्जर हो चुकी है और उसे जल्द ही गिराकर नई इमारत का निर्माण किया जाना चाहिए।
विधायक ने कहा कि धनबाद का यह प्रमुख अस्पताल पूरे जिले पर निर्भर लाखों लोगों के लिए जीवनरेखा है, इसलिए इसमें सुधार आवश्यक है ।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का आश्वासन
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि—
विशेष रूप से, सरकार pmch को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है नई बिल्डिंग के संचालन में देरी दूर की जाएगी, पुरानी बिल्डिंग को चरणबद्ध तरीके से ध्वस्त कर नया निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, यहां के अस्पताल में धनबाद के भारी मरीज भार को देखते हुए क्षमता बढ़ाने पर काम हो रहा है.












