Jharkhand: झारखंड सरकार ने नए साल की शुरुआत में ही सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वर्ष 2026 का आधिकारिक अवकाश कैलेंडर मंजूर कर दिया गया।
इस बार जारी सूची में कुल 34 दिन की छुट्टियाँ शामिल हैं, जिसमें राष्ट्रीय त्योहारों के साथ-साथ राज्य की स्थानीय और आदिवासी परंपराओं को भी प्रमुखता दी गई है।
इस निर्णय से कर्मचारियों और अधिकारियों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
सोहराय पर दो दिन की छुट्टी—आदिवासी विरासत का सम्मान
सरकार ने 2026 के कैलेंडर में इस बार सोहराय पर्व को विशेष महत्व दिया है।
12 जनवरी और 13 जनवरी 2026 को सोहराय के अवसर पर लगातार दो दिनों की छुट्टी घोषित की गई है।
- पहला दिन: सामान्य सोहराय
- दूसरा दिन: खुंटाव क्षेत्र के लिए आरक्षित
सोहराय आदिवासी समुदाय का प्रमुख कृषि त्योहार है, जो फसल कटाई, समृद्धि और सामुदायिक एकता का प्रतीक है।
स्थानीय विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी पहलें आदिवासी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में सहायक होंगी।
NIA एक्ट के तहत 21 प्रमुख राष्ट्रीय अवकाश
राष्ट्रीय अवकाश अधिनियम (NIA Act) के तहत 21 अनिवार्य अवकाश 2026 के कैलेंडर में शामिल किए गए हैं। इनमें शामिल हैं:
- गणतंत्र दिवस
- स्वतंत्रता दिवस
- गांधी जयंती
- दिवाली
- ईद
- क्रिसमस
आदि प्रमुख राष्ट्रीय-धार्मिक पर्व।
ये सभी अवकाश झारखंड के सभी सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों में लागू होंगे।
कार्यपालिका आदेशों से 13 अतिरिक्त छुट्टियां
NIA एक्ट के अवकाशों के अलावा झारखंड सरकार ने 13 अतिरिक्त छुट्टियाँ भी प्रदान की हैं।
ये छुट्टियां स्थानीय त्योहारों, क्षेत्रीय पर्वों और झारखंड की विशेष सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती हैं।
कुल 34 अवकाश—कर्मचारियों को मिला सालभर का राहत पैकेज
2026 की अवकाश सूची में कुल 34 छुट्टियां शामिल हैं, जो—
- कर्मचारियों के लिए पर्याप्त विश्राम
- कार्य-जीवन संतुलन
- सांस्कृतिक एकता को मजबूती
प्रदान करने में सहयोग करेंगी।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह अवकाश कैलेंडर तमाम सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में लागू होगा।












