Jharkhand News: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए VB-G RAM G बिल को लेकर तीखा हमला बोला है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय सचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़ने वाला और कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने वाला कदम बताया है।
जेएमएम का तर्क है कि जब 2007-08 की वैश्विक मंदी ने दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को हिला दिया था, तब भारत केवल अपनी मजबूत ‘ग्रामीण व्यवस्था’ के कारण बचा रहा। तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इसी नींव को मजबूत करने के लिए मनरेगा (MGNREGA) की शुरुआत की थी, जिसने भूमिहीन मजदूरों को सम्मान के साथ 100 दिन के काम की गारंटी दी।
Jharkhand News: सर्वर डाउन तो मजदूर का रोजगार भी डाउन
भट्टाचार्य ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नया बिल ‘काम देने’ की नहीं बल्कि ‘काम छीनने’ की गारंटी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के दौर में भी गांवों में नेटवर्क की स्थिति दयनीय है; ऐसे में बायोमेट्रिक हाजिरी का मतलब है-‘सर्वर डाउन तो मजदूर का रोजगार भी डाउन’।
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जेएमएम ने इसे ‘एक देश, एक उद्योग’ की नीति बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार अब गांव के रोजगार को भी कॉर्पोरेट के हवाले करना चाहती है। पार्टी ने मांग की है कि कार्य दिवसों को 100 से बढ़ाकर 150 दिन किया जाए और पिछले तीन वर्षों से बकाया मनरेगा व खनन फंड को तत्काल जारी किया जाए।












