Jharkhand News: झारखंड में सामाजिक और आर्थिक न्याय को लेकर एक नई पहल की नींव रखी गई है। राज्य में ‘सवर्ण आयोग’ के गठन की मांग को लेकर संगठित अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में ‘सवर्ण अधिकार मंच’ का गठन किया गया, जिसकी जिम्मेदारी संयोजक के रूप में ज्योतिरीश्वर सिंह को सौंपी गई है। मंच की पहली बैठक में सर्वसम्मति से यह तय हुआ कि अब इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए राज्यव्यापी संवाद शुरू किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए ज्योतिरीश्वर सिंह ने कहा कि सवर्ण समाज ने हमेशा व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण और सामाजिक संतुलन में योगदान दिया है। लेकिन बदलते समय के साथ समाज के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों की चुनौतियां भी सामने आई हैं, जिन पर गंभीर विमर्श जरूरी है। उन्होंने याद दिलाया कि झारखंड को बने 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं, जबकि पड़ोसी राज्य बिहार में सवर्ण आयोग का गठन काफी पहले किया जा चुका है। झारखंड में अब तक इस दिशा में पहल न होना किसी एक सरकार की विफलता नहीं, बल्कि संगठित आवाज के अभाव का परिणाम हो सकता है।
Jharkhand News: जागरूकता नहीं बढ़ी, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है
उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते जागरूकता नहीं बढ़ी, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इसी सोच के साथ ‘झारखंड सवर्ण/सामान्य वर्ग आर्थिक न्याय मंच’ के माध्यम से एक गैर-राजनीतिक जन आंदोलन की शुरुआत की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य पूरे राज्य में सवर्ण आयोग की आवश्यकता पर सार्थक और तर्कपूर्ण संवाद स्थापित करना है।
कार्यक्रम में पूर्व डीजीपी, पूर्व आईपीएस अधिकारी, सामाजिक चिंतक और बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मंच का लक्ष्य किसी टकराव की राजनीति नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से शासन तक न्यायोचित मांगों को पहुंचाना है।











