रांची। झारखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने राज्य की झारखंड सरकार पर पुलिस और एसीबी (ACB) के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने यह साफ कर दिया है कि राज्य में एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों से किया जा रहा है।
मरांडी ने सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले छह वर्षों से राजनीतिक विरोधियों को डराने और घोटालों को छुपाने के लिए ACB, CID और झारखंड पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला
मरांडी ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद हिरासत में बंद व्यक्ति को रिहा करने के बजाय नई एफआईआर दर्ज कर उसे लगातार कस्टडी में रखने की कोशिश की गई। इस पर शीर्ष अदालत की टिप्पणी से सरकार की कार्यप्रणाली उजागर हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है।
“पुलिस बन चुकी है सबसे बड़ा गुंडा”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य में पुलिस प्रशासन की भूमिका संदिग्ध हो गई है। उनके अनुसार:
- अवैध खनन
- रंगदारी और वसूली
- जमीन, बालू, पत्थर का अवैध कारोबार
- शराब के काले धंधे
- फर्जी केस दर्ज कर उत्पीड़न
इन सभी गतिविधियों में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता के आरोप लग रहे हैं।
मरांडी ने कहा, “वर्दी पुलिस की है, लेकिन काम अपराधियों जैसा किया जा रहा है।”
डीजीपी नियुक्ति पर भी सवाल
मरांडी ने राज्य में कथित “अवैध डीजीपी नियुक्ति” का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक ढांचे को राजनीतिक प्रभाव में संचालित किया जा रहा है और एसीबी को भी भ्रष्टाचारियों के हवाले कर मनमर्जी से काम कराया जा रहा है।
विनय चौबे का जिक्र
अपने बयान में मरांडी ने कहा कि सत्ता के प्रभाव में काम करने वाले अधिकारियों को समझना चाहिए कि समय आने पर उन्हें जवाब देना होगा। उन्होंने विनय चौबे के मामले का हवाला देते हुए कहा कि “यदि विश्वास न हो तो उनका हश्र देख लें।”
भाजपा जारी रखेगी संघर्ष
मरांडी ने स्पष्ट किया कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर संघर्ष जारी रखेगी और विधिसम्मत तरीके से जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड की राजनीति में इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज होने की संभावना है। अब देखना होगा कि सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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