रांची में सक्रिय कुख्यात गैंगस्टर राहुल सिंह के नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि गैंग का संचालन सिर्फ बाहरी गुर्गों के सहारे नहीं, बल्कि बेहद करीबी दायरे से किया जा रहा था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राहुल सिंह की प्रेमिका की मां चंपा देवी पुंदाग इलाके में रहकर पूरे गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। रंगदारी से वसूला गया पैसा उसी के पास जमा होता था और वही गुर्गों तक हथियार और खर्च के लिए रकम पहुंचाती थी।
बांग्लादेश और नेपाल से जुड़ा था हथियार नेटवर्क
रांची पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि राहुल सिंह गैंग का कनेक्शन बांग्लादेश और नेपाल के अपराधियों से है। इन्हीं माध्यमों से अवैध हथियार मंगाए जाते थे और फिर उन्हें रांची में सक्रिय सदस्यों के बीच बांटा जाता था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक दर्जनों हथियार विदेश से मंगाए जा चुके हैं, जिनका इस्तेमाल रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं में किया गया।
अगस्त 2025 में रंगदारी की बड़ी वसूली
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि अगस्त 2025 में दलादली चौक के पास एक कारोबारी से 2.85 लाख रुपये की रंगदारी वसूली गई थी। यह रकम राहुल सिंह के निर्देश पर चंपा देवी को सौंप दी गई थी।
आज दिनांक-15.02.2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक महोदय रांची को गुप्त सूचना प्राप्त हुआ कि राहुल सिंह संगठित अपराधिक गिरोह के अपराधी रांची क्षेत्र के व्यवसाईयों के बीच भय एवं दहशत फैलाने के उदेश्य से जगरनाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिरसा मुण्डा एयरपोर्ट के नजदीक हथियारों का आदान प्रदान… pic.twitter.com/qyw0QkUQU8
— Ranchi Police (@ranchipolice) February 15, 2026
गैंग के सदस्य बताते हैं कि गिरोह में शामिल सभी गुर्गे सरगना के आदेश पर ही गोलीबारी और वसूली की घटनाओं को अंजाम देते थे।
कई गिरोह बदल चुका है ‘कटप्पा’
रामगढ़ के पतरातू निवासी अश्विनी उर्फ कटप्पा उर्फ जॉनी का आपराधिक इतिहास भी लंबा रहा है। वह पहले अमन साहू गिरोह से जुड़ा था, फिर राहुल दुबे के साथ काम किया और बाद में मतभेद होने पर राहुल सिंह गैंग में शामिल हो गया।
परिवार तक फैला था अपराध का जाल
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि राहुल सिंह गैंग का नेटवर्क सिर्फ अपराधियों तक सीमित नहीं था, बल्कि परिवार और करीबी रिश्तों तक फैला हुआ था। यही वजह है कि गिरोह लंबे समय तक संगठित तरीके से रंगदारी और हथियार सप्लाई का खेल चलाता रहा।
पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय हथियार सप्लाई नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
रांची में बढ़ते संगठित अपराध के बीच यह खुलासा शहर की कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।












