रांची: Jharkhand Vidhansabha के छठे कार्यकाल का पांचवां बजट सत्र बुधवार से शुरू हो गया, लेकिन सत्र के पहले ही दिन एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। विभिन्न सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रेस गैलरी में प्रवेश से जुड़े नए नियमों के विरोध में पत्रकारों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। इस कदम ने बजट सत्र की शुरुआत को राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया है।
सुरक्षा नियमों के विरोध में पत्रकारों का कदम
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा परिसर में प्रेस की एंट्री को लेकर हाल में कुछ नए दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। पत्रकारों का कहना है कि इन नियमों से उनकी स्वतंत्र और निर्बाध रिपोर्टिंग प्रभावित हो रही है। इसी के विरोध में पहले दिन मीडिया प्रतिनिधियों ने सदन की कार्यवाही से दूरी बना ली।
हालांकि छायाकारों (फोटोग्राफर्स) ने कवरेज जारी रखी, लेकिन रिपोर्टिंग का पारंपरिक स्वरूप प्रभावित रहा। मीडिया संगठनों का कहना है कि लोकतंत्र के मंदिर में पारदर्शिता और प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत
परंपरा के अनुसार सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई, जिसमें सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। लेकिन पत्रकारों के बहिष्कार के कारण इस अहम कार्यवाही की व्यापक कवरेज नहीं हो सकी।
19 मार्च तक चलेगा सत्र, 24 फरवरी को बजट
विधानसभा सचिवालय के अनुसार बजट सत्र 19 मार्च तक चलेगा। 24 फरवरी को वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
सत्र से पूर्व आयोजित सर्वदलीय बैठक में विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने सभी दलों से सहयोग की अपील की थी। बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।
निकाय चुनाव का भी असर संभव
23 फरवरी को प्रस्तावित निकाय चुनाव के कारण कार्यवाही में बदलाव की संभावना जताई गई है। कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
बजट सत्र के पहले दिन ही पत्रकारों के बहिष्कार ने सरकार और मीडिया के रिश्तों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या सरकार और पत्रकार संगठनों के बीच संवाद स्थापित कर समाधान निकाला जाएगा या यह विवाद आगे और तूल पकड़ेगा।












