रांची: रांची स्थित Sarala Birla University (एसबीयू) के तृतीय दीक्षांत समारोह में बुधवार को गौरव और उपलब्धि का भव्य संगम देखने को मिला। समारोह में राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar ने 32 मेधावी विद्यार्थियों को ‘बसंत कुमार सरला बिरला स्वर्ण पदक’ तथा 10 शोधार्थियों को पीएचडी की डिग्री प्रदान की। इसके अलावा विभिन्न संकायों के कुल 1331 विद्यार्थियों को स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्रियां दी गईं।
दीक्षांत समारोह एसबीयू परिसर के दीक्षांत मंडप में आयोजित हुआ, जहां विद्यार्थियों, अभिभावकों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया।
विशिष्ट अतिथियों को मानद उपाधि
समारोह में Indian Space Research Organisation (इसरो) के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन, Defence Research and Development Organisation (डीआरडीओ) के महानिदेशक डॉ. बी. के. दास, राज्यसभा सांसद श्री गोविंदभाई ढोलकिया और तीरंदाजी कोच पद्मश्री पूर्णिमा महतो को पीएचडी की मानद उपाधि प्रदान की गई।
डॉ. वी. नारायणन अन्य व्यस्तताओं के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उनकी ओर से इसरो के निदेशक (ओआईसीसी) डॉ. डी. गौरीशंकर ने उपाधि ग्रहण की।
राज्यपाल का संबोधन: अनुशासन और आत्मविश्वास से आगे बढ़ें
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि असफलताओं से घबराए बिना अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राज्य और राष्ट्र की बेहतरी के लिए करें।
उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के इस दौर में छात्रों को कौशल के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर भी ध्यान देना होगा। विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका को उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रयास
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए एसबीयू प्रभावी पहल कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भविष्य में नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनेंगे।
अतिथियों ने दिया सफलता का मंत्र
- गोविंदभाई ढोलकिया ने छात्रों से कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर चुनौतियों को स्वीकार करने की अपील की।
- डॉ. बी. के. दास ने युवाओं से अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की बात कही।
- डॉ. डी. गौरीशंकर ने इसरो की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
- पूर्णिमा महतो ने युवाओं को लक्ष्य पर फोकस रखने और सामूहिक प्रयास की भावना विकसित करने की सलाह दी।
कुलपति ने प्रस्तुत किया वार्षिक प्रतिवेदन
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की अकादमिक उपलब्धियों, अनुसंधान, नवाचार, खेल और विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ हुए एमओयू की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को गोल्ड ग्रीन प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है, जो पर्यावरणीय गुणवत्ता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। स्वर्णिम भारत एक्सपो, हैकथन और चेस टूर्नामेंट जैसे आयोजनों की सफलता का भी उल्लेख किया गया।











