रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री Hemant Soren ने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने विशेष रूप से एआई (Artificial Intelligence) के दुरुपयोग और फर्जी कंटेंट को लेकर गंभीर चिंता जताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार अभिभाषण पर एक भी संशोधन प्रस्ताव नहीं आया, जो झारखंड के 25 वर्षों के इतिहास में पहली बार हुआ है। उन्होंने इसे सरकार की उपलब्धियों की अप्रत्यक्ष स्वीकृति बताया।
AI के नाम पर फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री Hemant Soren ने कहा कि आज देश और दुनिया साइबर अपराध से जूझ रही है। ऐसे समय में कुछ लोग फर्जी एआई कंटेंट तैयार कर जनता को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर से सामग्री लाकर उसे स्थानीय उपलब्धि बताने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा,
“फोटो और पोस्टर से विकास नहीं होता, विकास जमीन पर काम करने से दिखता है।”
मुख्यमंत्री ने एआई समिट के विरोध को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध स्वाभाविक है, लेकिन विरोध करने वालों को देशद्रोही कहना उचित नहीं है।
गांव आधारित विकास मॉडल पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार गांव से चलने वाली सरकार है। उनका मानना है कि गांव मजबूत होगा तभी शहर और राज्य मजबूत होगा। सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं को उन्होंने जमीनी बताया।
उन्होंने कहा कि 2050 तक झारखंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य है और इस दिशा में ठोस काम हो रहा है।
साइबर अपराध पर सख्ती का संकेत
मुख्यमंत्री Hemant Soren ने कहा कि साइबर अपराध और एआई के गलत इस्तेमाल पर सरकार कड़ी नजर रखे हुए है। डिजिटल तकनीक का उपयोग विकास के लिए होना चाहिए, न कि भ्रम और नफरत फैलाने के लिए।
अंगदान की घटना का जिक्र
चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री Hemant Soren ने केरल की 10 माह की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान का जिक्र करते हुए इसे मानवता की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज को जोड़ने का काम करते हैं, जबकि नफरत फैलाने वाली राजनीति समाज को तोड़ती है।
विपक्ष पर तंज
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने बहस में हिस्सा तो लिया, लेकिन कोई संशोधन प्रस्ताव नहीं दिया। इससे साफ है कि सरकार के कामों से वे असहज हैं। उन्होंने दावा किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत कर रही है।













