रांची/देवघर: Jharkhand में मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद प्रतिनिधियों को सम्मानजनक मानदेय देने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। राज्य विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया गया, जिसके बाद सरकार ने इस दिशा में जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक स्वेता सिंह ने पंचायत जनप्रतिनिधियों के मानदेय से संबंधित सवाल लगाया था। उनकी अनुपस्थिति में देवघर विधायक सुरेश पासवान ने प्रश्न को सदन में पढ़ा और सरकार से स्पष्ट नीति बनाने की मांग की।
“गांव की सरकार को मजबूत करना जरूरी”
सुरेश पासवान ने सदन में कहा कि राज्य सरकार अक्सर ‘गांव की सरकार’ की बात करती है, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों को पर्याप्त आर्थिक सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों को सम्मानजनक वेतन/मानदेय दिया जाए, ताकि वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकास कार्य कर सकें।
सरकार ने क्या कहा?
इस पर जवाब देते हुए मंत्री राधाकृष्णन किशोर ने कहा कि राज्य सरकार पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय और सम्मान को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि सरकार इस विषय पर विचार कर रही है और जल्द ही इस पर बैठक कर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
मंत्री ने यह भी आश्वस्त किया कि पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि ग्रामीण विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके।
पंचायत प्रतिनिधियों की प्रमुख मांगें
- मुखिया, वार्ड सदस्य, समिति और जिला परिषद सदस्यों को नियमित मानदेय
- कार्य के अनुरूप सम्मानजनक वेतन
- पंचायत स्तर पर प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को मजबूत करना












