उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यकों और उलेमाओं के साथ कथित हिंसा और अपमान की घटनाओं को लेकर डॉ. इरफान अंसारी ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति शासन लागू करने पर विचार करने की अपील की गई है।
डॉ. अंसारी ने अपने पत्र में कहा है कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, लेकिन हालिया घटनाएं इस मूल भावना को आहत करती हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि राज्य में कथित भीड़ हिंसा और धार्मिक आधार पर प्रताड़ना की घटनाओं पर तत्काल संज्ञान लिया जाए।
उलेमाओं के साथ कथित मारपीट का जिक्र
पत्र में दावा किया गया है कि मुस्लिम समुदाय, विशेषकर उलेमाओं, के साथ सरेआम अपमान और मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं। एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा गया है कि धार्मिक पहचान के आधार पर सार्वजनिक बेइज्जती की गई, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हुआ है।
योगी सरकार पर सवाल
पत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। डॉ. अंसारी का कहना है कि यदि दोषियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं होती, तो यह कानून-व्यवस्था की विफलता मानी जाएगी।
राष्ट्रपति से क्या मांगा?
पत्र में राष्ट्रपति से—
- कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तत्काल रिपोर्ट तलब करने,
- घटनाओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने,
- और आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रपति शासन लगाने जैसे कठोर संवैधानिक कदम उठाने की मांग की गई है।
डॉ. अंसारी ने इसे किसी दल विशेष का मुद्दा नहीं, बल्कि संविधान और राष्ट्रीय एकता की रक्षा का सवाल बताया है।













