रांची: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का वार्षिक Budget पेश किया है। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। लेकिन सबसे अहम सवाल यही है—झारखंड Budget 2026-27 से आम जनता की जिंदगी में क्या बदलाव आएगा? इस बजट का फोकस रोजगार, स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, पर्यटन और स्किल डेवलपमेंट पर साफ नजर आता है। आइए विस्तार से समझते हैं।
रोजगार पर बड़ा दांव: 45 हजार तक नौकरी की संभावना
झारखंड बजट 2026-27 में औद्योगिक निवेश को प्राथमिकता दी गई है।
- 20 हजार करोड़ रुपये के नए निवेश का लक्ष्य तय किया गया है।
- इससे लगभग 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
साथ ही, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के माध्यम से राज्य को 1.24 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन निवेशों के इस्पात, ऊर्जा, विनिर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में आने की उम्मीद है, जिससे करीब 45 हजार रोजगार अवसर सृजित हो सकते हैं।
जनता को फायदा: स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिलेगा, पलायन कम होगा और घरेलू आय में वृद्धि होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा विस्तार: गांव तक जांच और सस्ती दवा
झारखंड बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं—
- 5 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में PET-CT स्कैन मशीनें लगाई जाएंगी।
- 24 जिला सदर अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीन स्थापित होगी।
- सभी मेडिकल कॉलेजों में कैंसर केयर यूनिट की स्थापना की योजना।
- 750 नए अटल औषधालय खोले जाएंगे।
जनता को फायदा: कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच और इलाज अब बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। जिला स्तर पर ही सस्ती दवा और आधुनिक जांच की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
सड़क और पुल: गांव से बाजार तक सीधी कनेक्टिविटी
झारखंड बजट 2026-27 में आधारभूत संरचना पर विशेष जोर दिया गया है।
- नई सड़कों के निर्माण के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत 730 करोड़ रुपये पुल निर्माण के लिए।
- 2025-26 में 1644 किलोमीटर सड़क निर्माण पूरा किया जा चुका है।
जनता को फायदा: किसानों को फसल बाजार तक ले जाने में आसानी, छात्रों को स्कूल और मरीजों को अस्पताल तक तेज पहुंच। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ।
किसान और महिला सशक्तिकरण: आय बढ़ाने की कोशिश
- महिला किसान खुशहाली योजना के लिए 25 करोड़ रुपये।
- नकदी फसल विकास एवं विस्तार योजना के लिए 19.88 करोड़ रुपये।
सरकार महिलाओं को इंटीग्रेटेड फार्मिंग और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की योजना बना रही है।
जनता को फायदा: महिलाओं की आय में वृद्धि, खेती को बाजार से जोड़ने से किसानों को बेहतर मूल्य और आर्थिक मजबूती।
पर्यटन विकास: स्थानीय कारोबार को नई उड़ान
झारखंड बजट 2026-27 में पर्यटन परियोजनाओं को भी प्राथमिकता मिली है—
- दशम और जोन्हा जलप्रपात में ग्लास ब्रिज।
- नेतरहाट में ग्लास वॉक टॉवर।
- पतरातू में स्काईवॉक, सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट।
- रोप-वे और अन्य पर्यटन सर्किट का विकास।
जनता को फायदा: पर्यटन बढ़ने से होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइड और छोटे व्यापारियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट: भविष्य की तैयारी
- चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना।
- पॉलिटेक्निक संस्थानों को J-PRAGATI योजना के तहत अपग्रेड कर Jharkhand Institute of Technology (JhIT) के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव।
- 6 ITI संस्थानों में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कोर्स शुरू करने की योजना।
जनता को फायदा: राज्य के युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें।
महिला और बाल बजट: सामाजिक सुरक्षा पर फोकस
- जेंडर बजट: 34,211 करोड़ रुपये।
- बाल बजट: 10,793 करोड़ रुपये।
जनता को फायदा: महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के लिए चल रही योजनाओं को पर्याप्त वित्तीय समर्थन।
आर्थिक स्थिति: विकास की रफ्तार बनाए रखने का लक्ष्य
- राजकोषीय घाटा: 13,595.96 करोड़ रुपये (GSDP का 2.18%)
- राज्य का GSDP (2024-25): लगभग 5.16 लाख करोड़ रुपये
- लक्ष्य: अगले 5 वर्षों में अर्थव्यवस्था को दोगुना करना
जनता को फायदा: यदि योजनाएं प्रभावी रूप से लागू होती हैं, तो झारखंड निवेश और विकास के मामले में तेजी से आगे बढ़ सकता है।
झारखंड बजट 2026-27 केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, स्वास्थ्य सुविधा विस्तार, ग्रामीण कनेक्टिविटी, महिला सशक्तिकरण और पर्यटन विकास का रोडमैप है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—घोषणाएं कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ जमीन पर उतरती हैं।












