रांची: Jharkhand Budget 2026-27 में पर्यटन को नई पहचान देने की बड़ी घोषणा की गई है। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में झारखंड सिर्फ खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि एडवेंचर और इको-टूरिज्म के लिए भी देशभर में जाना जाएगा। बजट में ग्लास ब्रिज, ग्लास वॉक, रोप-वे और पर्यटन सर्किट जैसी परियोजनाओं पर खास फोकस रखा गया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
दशम और जोन्हा जलप्रपात में ग्लास ब्रिज: पर्यटकों के लिए नया आकर्षण
Jharkhand Budget 2026-27 के तहत रांची जिले के प्रसिद्ध दशम जलप्रपात और जोन्हा जलप्रपात में ग्लास ब्रिज निर्माण की योजना है। इसके साथ जोन्हा में रोप-वे परियोजना भी प्रस्तावित है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में रोमांचक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है, ताकि देश-विदेश से अधिक पर्यटक आकर्षित हों। ग्लास ब्रिज के माध्यम से पर्यटक ऊंचाई से जलप्रपात का नजारा ले सकेंगे, जो झारखंड के पर्यटन नक्शे पर एक नया आयाम जोड़ सकता है।
नेतरहाट में ग्लास वॉक टॉवर और कोयल व्यू प्वाइंट का विकास
लातेहार जिले के नेतरहाट में कोयल व्यू प्वाइंट पर ग्लास वॉक टॉवर निर्माण की योजना बनाई गई है। नेतरहाट पहले से ही ‘छोटानागपुर की रानी’ के रूप में प्रसिद्ध है, और अब ग्लास वॉक जैसी परियोजना इसे एडवेंचर टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बना सकती है।
इस कदम से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय होटल, परिवहन और छोटे व्यापारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
पतरातू और अन्य पर्यटन स्थलों का समग्र विकास
बजट में पतरातू में स्काईवॉक, सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की भी योजना है। इसके अलावा विभिन्न जिलों में पर्यटन सर्किट विकसित करने और रोप-वे परियोजनाओं पर काम करने की घोषणा की गई है।
सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड को प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपात और पहाड़ी पर्यटन के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए।
टूरिज्म से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
झारखंड बजट 2026-27 में पर्यटन परियोजनाओं को केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे रोजगार सृजन से जोड़ा गया है। पर्यटन बढ़ने से होटल उद्योग, गाइड सेवा, ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प और स्थानीय बाजार को नया बाजार मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परियोजनाएं समय पर पूरी हुईं तो राज्य में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।
झारखंड बजट 2026-27 में पर्यटन और ग्लास ब्रिज परियोजनाओं पर दिया गया जोर राज्य की विकास रणनीति में बदलाव का संकेत देता है। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध झारखंड अब पर्यटन के जरिए नई पहचान बनाने की तैयारी में है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि ये महत्वाकांक्षी योजनाएं कितनी जल्दी धरातल पर उतरती हैं।












