Ranchi Breaking News: ट्रांसजेंडर अमेंडमेंट बिल 2026 का, किन्नरों ने किया विरोध
रांची: केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए ट्रांसजेंडर अमेंडमेंट बिल 2026 को लेकर देशव्यापी विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में आज झारखंड की राजधानी रांची के व्यस्त अल्बर्ट एक्का चौक पर ट्रांसजेंडर (किन्नर) समुदाय के लोगों ने इकट्ठा होकर बिल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
हाथों में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की कि इस बिल को तुरंत वापस लिया जाए या इसमें जरूरी सुधार किए जाएं।
विरोध का मुख्य कारण
प्रदर्शन कर रहे समुदाय के नेताओं का कहना है कि इस नए संशोधन बिल में सबसे विवादित प्रावधान मेडिकल सर्टिफिकेट की अनिवार्यता है।
- पहले ट्रांसजेंडर होने के लिए आत्म-पहचान (Self-identification) को महत्व दिया जाता था।
- नया प्रावधान: 2026 के बिल के अनुसार, अब थर्ड जेंडर के रूप में पहचान पाने के लिए मेडिकल जांच और प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।
- समुदाय का पक्ष: ट्रांसजेंडर समाज का मानना है कि यह प्रावधान उनके निजता के अधिकार का उल्लंघन है और नालसा जजमेंट (NALSA Judgment) के खिलाफ है।
“समुदाय के अस्तित्व पर खतरा” – साध्वी अमरजीत नंदगिरी
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं साध्वी अमरजीत नंदगिरी ने कहा:
“लोकसभा में 13 मार्च को जो बिल पेश किया गया है, वह हमारे अधिकारों का हनन है। यदि यह कानून लागू होता है, तो हमारा समुदाय धीरे-धीरे विलुप्त हो जाएगा। यह नालसा जजमेंट द्वारा दिए गए आत्म-सम्मान के अधिकार को छीनने जैसा है।”
झारखंड सरकार से भी नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने केवल केंद्र ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार के प्रति भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनकी मुख्य मांगें हैं:
- आरक्षण का मुद्दा: झारखंड सरकार ने पूर्व में ट्रांसजेंडर समुदाय को 2% आरक्षण देने का वादा किया था, जो अब तक लागू नहीं हुआ है।
- बुनियादी सुविधाएं: शहर में आज भी ट्रांसजेंडर्स के लिए अलग शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
- समुदाय ने मांग की है कि झारखंड सरकार इस बिल को राज्य में प्रभावी न होने दे।
रांची में हुआ यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि ट्रांसजेंडर समुदाय अपनी पहचान और हक की लड़ाई को लेकर अब और मुखर हो गया है। लोकसभा में चर्चा से पहले ही इस बिल ने एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।













