पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोकसभा में बड़ा बयान देते हुए देश को सतर्क रहने की सलाह दी है। करीब 25 मिनट के संबोधन में उन्होंने संकेत दिया कि वैश्विक हालात का असर लंबे समय तक रह सकता है, इसलिए भारत को हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा।
क्या Lockdown जैसे हालात बन सकते हैं?
पीएम मोदी ने सीधे तौर पर लॉकडाउन का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनका बयान यह साफ करता है कि वैश्विक संकट का असर भारत पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जैसे देश ने COVID-19 के समय एकजुट होकर मुकाबला किया था, वैसे ही अब भी संयम और धैर्य जरूरी है।
तेल-गैस संकट पर सरकार का प्लान
सरकार ऊर्जा सप्लाई को लेकर अलर्ट मोड में है और किसी भी तरह की कमी से बचने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
मुख्य बातें:
- भारत अब 41 देशों से तेल आयात कर रहा है
- 53 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा पेट्रोलियम भंडार उपलब्ध
- इसे बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन करने की तैयारी
- सभी सप्लायर देशों से लगातार संपर्क
होर्मुज पर सख्त रुख
प्रधानमंत्री ने Strait of Hormuz को लेकर स्पष्ट कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग को बाधित करना स्वीकार नहीं होगा।
उन्होंने कहा:
- कमर्शियल जहाजों पर हमला अस्वीकार्य
- सप्लाई चेन में रुकावट बर्दाश्त नहीं
- सभी देशों से बातचीत के जरिए समाधान की अपील
राशन और बिजली पर क्या स्थिति है?
सरकार ने साफ किया कि देश में जरूरी संसाधनों की कोई कमी नहीं है।
अभी की स्थिति:
- देश में पर्याप्त खाद्यान्न भंडार
- पावर प्लांट्स में कोयले का पर्याप्त स्टॉक
- गर्मी को देखते हुए बिजली सप्लाई की मॉनिटरिंग
विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा
सरकार विदेशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने पर लगातार काम कर रही है।
अब तक:
- 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित वापस लौटे
- Iran से करीब 1000 लोग लौटे
- इनमें 700+ मेडिकल स्टूडेंट्स शामिल
जमाखोरी और अफवाहों पर चेतावनी
पीएम मोदी ने कहा कि संकट के समय कुछ लोग हालात का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।
सरकार का निर्देश:
- जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
- राज्यों को कड़ी मॉनिटरिंग के निर्देश
- अफवाह फैलाने वालों से सतर्क रहने की अपील
किसानों और खेती पर असर
प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए भी सरकार तैयार है।
मुख्य बिंदु:
- खरीफ सीजन की तैयारी जारी
- किसानों के लिए उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित
- घरेलू उत्पादन बढ़ाकर संकट का असर कम करने की कोशिश
विपक्ष का हमला
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता Pawan Khera ने सरकार पर निशाना साधते हुए गैस सिलेंडर की कमी और विदेश नीति को लेकर सवाल उठाए।
क्या कह रहे हैं हालात?
प्रधानमंत्री के बयान से साफ है कि फिलहाल देश में Lockdown जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए सरकार पूरी तरह सतर्क है। ऊर्जा, सप्लाई और सुरक्षा को लेकर लगातार रणनीति बनाई जा रही है ताकि किसी भी संकट का असर देश पर कम से कम पड़े।













