राजधानी Ranchi के लोकभवन में शुक्रवार को “चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल 2026” के पोस्टर का भव्य विमोचन किया गया। इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, क्षेत्र प्रचारक रामनवमी जी, विभाग संपर्क प्रमुख भानु जालान, महानगर प्रचार प्रमुख स्निग्ध रंजन, चित्रपट झारखंड के अध्यक्ष नंद कुमार सिंह और कोषाध्यक्ष सुमित मित्तल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कब और कहां होगा आयोजन?
यह फिल्म महोत्सव 26, 27 और 28 जून 2026 को सरला बिरला विश्वविद्यालय, टाटीसिल्वे परिसर में आयोजित किया जाएगा।
क्या है उद्देश्य?
इस फिल्म फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य झारखंड के युवा फिल्म निर्माताओं को एक मजबूत मंच देना है, जहां वे अपनी रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित कर सकें।
इसके माध्यम से राज्य की ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
साथ ही “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना को भी इस आयोजन के जरिए बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रतियोगिता की श्रेणियां
फिल्म महोत्सव में तीन कैटेगरी निर्धारित की गई हैं:
- लघु फिल्म (अधिकतम 20 मिनट)
- वृत्तचित्र (अधिकतम 30 मिनट)
- परिसर फिल्म (अधिकतम 15 मिनट)
पंजीकरण शुल्क
- लघु फिल्म – ₹500
- वृत्तचित्र – ₹500
- परिसर फिल्म – ₹250
छात्रों के लिए विशेष छूट: सभी श्रेणियों में केवल ₹250
भाषाएं और नियम
- झारखंड की सभी भाषाओं में फिल्में स्वीकार होंगी
- हिंदी/अंग्रेजी के अलावा अन्य भाषाओं में बनी फिल्मों के लिए सबटाइटल अनिवार्य
फिल्म के 12 विषय
प्रतियोगिता के लिए निम्न विषय तय किए गए हैं:
- झारखंड का इतिहास
- जनजातीय समाज
- ग्राम विकास
- महिला सशक्तिकरण
- पर्यावरण
- सामाजिक समरसता
- युवा और नशामुक्ति
- नागरिक कर्तव्य
- खेल और प्रतिभा
- पलायन
- डिजिटल भारत / तकनीकी परिवर्तन
- भ्रष्टाचार और पारदर्शिता
जरूरी तारीखें
- फिल्म निर्माण की पात्रता: 1 जुलाई 2023 के बाद
- अंतिम तिथि: 7 जून 2026
- चयनित फिल्मों की सूची: 15 जून 2026
फिल्म महोत्सव में कुल ₹2,70,000 का नकद पुरस्कार रखा गया है।
“चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल 2026” राज्य के युवाओं के लिए फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने का एक शानदार अवसर है। यह आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देगा, बल्कि झारखंड की संस्कृति और समाज को वैश्विक पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।











