Ranchi: हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में Jharkhand मंत्रालय में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में आपदा राहत, अनुग्रह राशि और आपातकालीन व्यवस्था को और मजबूत बनाने को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक में लिए गए बड़े फैसले
सड़क दुर्घटना में अनुग्रह राशि चार गुना बढ़ी
राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सड़क दुर्घटना में मृतकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹4 लाख कर दिया है। यह कदम पीड़ित परिवारों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है।
अनुग्रह राशि की प्रक्रिया होगी आसान
अब मृतक के आश्रितों को अनुग्रह राशि प्राप्त करने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
- संबंधित जिले के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन किया जाएगा
- सत्यापन के बाद सीधे अनुदान राशि प्रदान की जाएगी
डबल भुगतान रोकने के लिए नई व्यवस्था
सरकार ने दोहरी भुगतान व्यवस्था पर रोक लगाने के लिए सख्ती दिखाई है।
- यदि कोई व्यक्ति बीमित है, तो उसे या तो बीमा राशि या अनुग्रह राशि में से एक ही मिलेगा
- सत्यापन प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया गया है
आपदा प्रबंधन कर्मियों की सेवा अवधि बढ़ी
ODMP (Other Disaster Management Program) योजना के तहत कार्यरत:
- जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी
- क्षमता संवर्धन पदाधिकारी
इनकी सेवा अवधि को वित्तीय वर्ष 2026-27 तक बढ़ाने की स्वीकृति दी गई है।
“युवा आपदा मित्र” योजना को मिलेगा टेक्नोलॉजी सपोर्ट
दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में चल रही योजना को और मजबूत किया जाएगा:
- सभी स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार होगा
- इसे ERSS (Emergency Response Support System) से जोड़ा जाएगा
- SOP तैयार कर स्वयंसेवकों को भत्ता देने पर भी विचार
डूबने की घटनाओं पर रोक के लिए बड़ा कदम
राज्य में बढ़ती डूबने की घटनाओं को देखते हुए:
- 48 गोताखोरों को प्रशिक्षण देने की मंजूरी
- गोताखोरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश
- पुलिस, गृहरक्षक और महिलाओं को भी शामिल करने की योजना
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
बैठक में डॉ० इरफान अंसारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा मुख्य सचिव अविनाश कुमार और अन्य विभागीय सचिवों ने भी भाग लिया।
क्यों अहम है यह फैसला?
झारखंड में हर साल सड़क दुर्घटना और प्राकृतिक आपदाओं में कई लोगों की जान जाती है। ऐसे में:
- अनुग्रह राशि बढ़ाना
- प्रक्रिया को सरल बनाना
- आपदा प्रबंधन तंत्र को तकनीकी रूप से मजबूत करना
ये सभी फैसले राज्य की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को नई दिशा देंगे।








