कोलकाता/लखनऊ: पश्चिम बंगाल में भाजपा के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार Suvendu Adhikari के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले की जांच तेज हो गई है। नई सरकार के गठन की तैयारियों के बीच हुई इस सनसनीखेज वारदात ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) इस हत्याकांड की जांच के सिलसिले में उत्तर प्रदेश पहुंची है। पुलिस को शक है कि हत्या के पीछे अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय था। बिहार और असम में पड़ताल के बाद अब यूपी में भी संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। सीमावर्ती जिलों के थानों को अलर्ट पर रखा गया है।
जांच में सामने आया है कि चंद्रनाथ रथ की कार को रोकने के लिए जिस वाहन का इस्तेमाल किया गया था, उसकी नंबर प्लेट सिलीगुड़ी निवासी जेम्स विलियम्स के नाम पर दर्ज है। बताया जा रहा है कि उसने अपनी निसान माइक्रा कार बेचने के लिए विज्ञापन दिया था और उत्तर प्रदेश के कुछ लोगों ने उससे संपर्क किया था। इन्हीं लोगों से पूछताछ के लिए बंगाल पुलिस यूपी पहुंची है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या को अंजाम देने में दो शार्प शूटर शामिल थे। वारदात में इस्तेमाल की गई दूसरी बाइक को उत्तर 24 परगना के बारासात इलाके से बरामद किया गया है। वहीं सीसीटीवी फुटेज में एक लाल रंग की कार भी दिखाई दी है, जिससे हमलावरों के फरार होने की आशंका जताई जा रही है।
चंद्रनाथ रथ की छह मई की देर रात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार बदमाशों ने उनकी गाड़ी रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका ड्राइवर घायल हो गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हत्या के लिए 30 से 40 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी और बिहार से शार्प शूटर्स बुलाए गए थे। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच संगठित आपराधिक नेटवर्क और राजनीतिक एंगल से भी कर रही है।








