उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से बच्चों में Mobile एडिक्शन का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि तीन साल की एक बच्ची रोजाना करीब 13 घंटे Mobile फोन चलाती थी। बच्ची के पिता के अनुसार, जब उससे फोन लिया जाता था तो वह रोने, चिल्लाने और मारपीट तक करने लगती थी। हालात तब ज्यादा गंभीर हो गए जब एक रात मोबाइल इस्तेमाल के बाद बच्ची का व्यवहार असामान्य हो गया और वह दीवारों से बातें करने लगी।
यह मामला आज के समय में तेजी से बढ़ रही बच्चों की स्क्रीन एडिक्शन की समस्या को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है।
बच्चों के लिए कितना स्क्रीन टाइम सही?
मायो क्लिनिक हेल्थ सिस्टम और अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की गाइडलाइंस के अनुसार अलग-अलग उम्र के बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम की सीमा तय की गई है।
- 2 साल से कम उम्र के बच्चों को स्क्रीन से पूरी तरह दूर रखना चाहिए।
- 2 से 12 साल के बच्चों के लिए प्रतिदिन अधिकतम 1 घंटे का स्क्रीन टाइम उचित माना गया है।
- किशोर और वयस्कों के लिए लगभग 2 घंटे स्क्रीन टाइम बेहतर माना जाता है।
ज्यादा स्क्रीन टाइम से होने वाले नुकसान
विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार Mobile , टीवी या अन्य स्क्रीन के संपर्क में रहने से बच्चों में कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
स्क्रीन टाइम के प्रमुख नुकसान:
- मोटापे का खतरा बढ़ना
- नींद की समस्या और अनियमित दिनचर्या
- व्यवहार में चिड़चिड़ापन और आक्रामकता
- भाषा और सोशल स्किल्स डेवलपमेंट में परेशानी
- ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत
- सीखने और समझने की क्षमता प्रभावित होना
- मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर असर
- हिंसक व्यवहार की संभावना
एम्स की स्टडी में क्या सामने आया?
नई दिल्ली स्थित एम्स के पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग की एक स्टडी में जन्म से 18 महीने तक के बच्चों को मोबाइल, टीवी और अन्य स्क्रीन से पूरी तरह दूर रखने की सलाह दी गई है। अध्ययन में पाया गया कि ज्यादा स्क्रीन एक्सपोजर बच्चों की भाषा सीखने की क्षमता और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। कई बच्चों में ऑटिज्म जैसे लक्षण भी देखने को मिले, हालांकि विशेषज्ञों ने इसे सीधे तौर पर ऑटिज्म का कारण नहीं माना है।
बच्चों की मोबाइल की लत कैसे छुड़ाएं?
विशेषज्ञों के अनुसार माता-पिता कुछ आसान उपाय अपनाकर बच्चों का स्क्रीन टाइम कम कर सकते हैं।
1. स्क्रीन टाइम के स्पष्ट नियम बनाएं
घर में Mobile और टीवी इस्तेमाल के लिए निश्चित समय तय करें। कई डिवाइस में स्क्रीन टाइम लिमिट सेट करने का विकल्प भी उपलब्ध होता है।
2. धीरे-धीरे कम करें स्क्रीन टाइम
अगर बच्चा ज्यादा समय मोबाइल पर बिताता है तो अचानक फोन छीनने के बजाय धीरे-धीरे स्क्रीन टाइम कम करें।
3. बच्चों के साथ समय बिताएं
काम या स्कूल के बाद बच्चों से आमने-सामने बातचीत करें और उन्हें पर्याप्त समय दें।
4. फोन बच्चों की पहुंच से दूर रखें
स्क्रीन-फ्री टाइम के दौरान मोबाइल और अन्य गैजेट्स को बच्चों से दूर रखें।
5. खाने के समय फोन इस्तेमाल न करें
लंच और डिनर टाइम को पूरी तरह स्क्रीन-फ्री बनाना अच्छी शुरुआत हो सकती है।
6. आउटडोर गेम्स के लिए प्रेरित करें
बच्चों को बाहर खेलने के लिए मोटिवेट करें। इससे उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि मोबाइल बच्चों के लिए जरूरत बन चुका है, लेकिन इसकी लत गंभीर मानसिक और व्यवहारिक समस्याएं पैदा कर सकती है। ऐसे में माता-पिता को बच्चों की डिजिटल एक्टिविटी पर नजर रखने और संतुलित दिनचर्या अपनाने की जरूरत है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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