Ranchi: झारखंड के पूर्व मंत्री Alamgir Alam गुरुवार को रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से जमानत पर बाहर आ गए। जेल के बाहर उनके स्वागत के लिए परिवार के सदस्य, समर्थक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। जेल प्रशासन द्वारा सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें रिहा किया गया।
ईडी की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने बेल बॉन्ड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका रिलीज ऑर्डर जारी किया। अदालत में उनके अधिवक्ता ने 1-1 लाख रुपये के दो निजी मुचलके जमा किए, जिसके बाद उन्हें नियमित जमानत दे दी गई। उनकी पत्नी और विधायक Nisat Alam इस मामले में बेलर बनी हैं।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मंजूर होने के चार दिन बाद पीएमएलए कोर्ट में न्यायिक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद रिलीज ऑर्डर बिरसा मुंडा जेल भेजा गया और गुरुवार को उन्हें रिहा कर दिया गया।
15 मई 2024 को हुई थी गिरफ्तारी
ईडी ने Alamgir Alam को 15 मई 2024 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले 6 मई 2024 को ईडी ने उनके ओएसडी संजीव लाल, नौकर जहांगीर आलम, ठेकेदारों और कांट्रैक्टरों के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।
छापेमारी के दौरान संजीव लाल के नौकर जहांगीर आलम के ठिकाने से करीब 32 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसके अलावा ठेकेदार मुन्ना सिंह के ठिकाने से 2.93 करोड़ रुपये और कांट्रैक्टर राजीव सिंह के ठिकाने से 2.14 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे।
क्या है टेंडर कमीशन घोटाला?
ईडी की जांच में सामने आया था कि ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के टेंडर में कमीशनखोरी का बड़ा खेल चल रहा था। आरोप है कि टेंडर पास कराने और भुगतान के एवज में कमीशन वसूला जाता था। यह रकम निचले स्तर से लेकर अधिकारियों और नेताओं तक पहुंचाई जाती थी।
करीब दो साल तक जेल में रहने के बाद अब Alamgir Alam को जमानत मिली है। उनकी रिहाई के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।









