Ranchi Borewell New Rule 2026: रांची में तेजी से गिरते भूजल स्तर और गर्मियों में बढ़ते जल संकट को देखते हुए रांची नगर निगम ने घरेलू उपयोग के लिए ट्यूबवेल/बोरवेल कराने को लेकर नए नियम जारी किए हैं। नगर निगम की आम सूचना के मुताबिक, घरेलू जरूरतों के लिए 4 इंच बोरिंग की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था अनिवार्य रखी गई है।
भूजल स्तर में लगातार कमी, जल संकट को देखते हुए फैसला
रांची नगर निगम के अनुसार, शहर में बड़ी संख्या में घरेलू उपभोक्ता और गृहस्वामी वाहनों या रिंग मशीनों के माध्यम से बोरिंग करा रहे हैं। इससे शहरी क्षेत्र में भूगर्भ जलस्तर लगातार कम हो रहा है। गर्मी के मौसम में भूजल स्रोतों पर अत्यधिक दबाव पड़ने के कारण लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है।
इसी को देखते हुए नगर निगम ने घरेलू उद्देश्यों के लिए ट्यूबवेल/बोरवेल कराने की अनुमति के नियम तय किए हैं।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग जरूरी
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जिन आवेदकों के भवन में वर्तमान में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था है, उन्हें 4 इंच बोरिंग की अनुमति दी जाएगी। यानी बोरिंग की अनुमति लेने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग एक महत्वपूर्ण शर्त होगी।
नगर निगम के मुताबिक आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे और संबंधित प्रक्रिया जलापूर्ति शाखा के माध्यम से पूरी होगी।
बोरिंग के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी?
आवेदक को आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज देने होंगे—
• आवेदक का पहचान पत्र और होल्डिंग रसीद
• जहां बोरिंग की जानी है, वहां का जीपीएस फोटो
• संस्था या वाणिज्यिक मामले में अनुमति प्रमाण पत्र
• रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था से संबंधित शपथ पत्र
• बोरिंग निजी जमीन पर कराने से संबंधित आवेदक का शपथ पत्र
• बोरिंग से पहले रिंग मशीन चालक द्वारा भरा गया सूचना प्रपत्र
• बोरिंग के बाद उसकी गहराई और जलस्तर की जानकारी नगर निगम को देना जरूरी होगा।
बिना अनुमति बोरिंग कराई तो लगेगा जुर्माना
नगर निगम ने बिना पूर्व अनुमति बोरिंग कराने वालों पर भी सख्ती की है। जारी नियमों के अनुसार, आवासीय बोरिंग पर 25,000 रुपये और वाणिज्यिक बोरिंग पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही बोरिंग को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
बोरिंग की अनुमति के लिए कितनी फीस?
नगर निगम ने बोरिंग की अनुमति के लिए शुल्क भी निर्धारित किया है।
आवेदक का प्रकार बिल्डअप एरिया शुल्क
आवासीय 0-5000 वर्गफीट ₹2,500
आवासीय 5000 वर्गफीट से अधिक ₹5,000
वाणिज्यिक 0-1000 वर्गफीट ₹10,000
वाणिज्यिक 1000 वर्गफीट से अधिक ₹10 प्रति वर्गफीट
यह शुल्क नगर निगम की जारी आम सूचना में निर्धारित किया गया है।
अनुमति मिलने के बाद 15 दिनों के भीतर करानी होगी बोरिंग
नगर निगम के नियम के अनुसार अनुमति मिलने के बाद 15 दिनों के अंदर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में बोरिंग नहीं कराने पर दी गई अनुमति स्वतः रद्द मानी जाएगी। विशेष परिस्थिति में ही 15 दिनों के बाद बोरिंग की अनुमति दिए जाने की बात कही गई है।
घरेलू उपयोग के लिए बोरिंग की अधिकतम गहराई संबंधित क्षेत्र के भूगर्भ जलस्तर को ध्यान में रखकर तय की जाएगी।
व्यावसायिक भवनों के लिए भी खास नियम
वाणिज्यिक आवेदकों के मामले में भवन मालिक के नाम से केवल एक बोरिंग की स्वीकृति दी जाएगी। नगर निगम के दस्तावेज में यह भी स्पष्ट किया गया है कि व्यावसायिक भवन में पहले से 6 इंच की बोरिंग होने पर 4 इंच बोरिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके अलावा बोरिंग की अनुमति संबंधित भवन के उपयोग और क्षेत्र के भूगर्भ जलस्तर को ध्यान में रखकर दी जाएगी।
सड़क, नदी या नाले पर नहीं कर सकेंगे बोरिंग
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि भवन मालिक किसी भी परिस्थिति में सरकारी भूमि, सड़क, नदी या नाले पर बोरिंग नहीं करा सकेंगे। ऐसा करने पर भवन मालिक पर जुर्माना लगाने के साथ बोरिंग को सील किया जा सकता है।
नगर निगम के स्तर से प्राप्त शिकायत पर आवेदन को 15 दिनों के भीतर खारिज करने का अधिकार भी रखा गया है। साथ ही, नगर निगम द्वारा समाचार पत्र में सूचना प्रकाशित कर सार्वजनिक आपत्तियां आमंत्रित करने का प्रावधान भी बताया गया है।
इंजीनियर की जांच के बाद मिलेगी अनुमति
बोरिंग की अनुमति देने से पहले कनीय अभियंता/सहायक अभियंता द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थल की जांच और रिपोर्ट किए जाने की व्यवस्था रखी गई है। इसके बाद ही बोरिंग की अनुमति दी जाएगी।
नगर निगम ने भविष्य में नियम, शर्त या शुल्क में बदलाव का अधिकार भी अपने पास रखा है।
रांची में बोरिंग कराने वालों के लिए क्या है सबसे जरूरी?
अगर आप रांची नगर निगम क्षेत्र में घर या भवन के लिए बोरिंग कराने की योजना बना रहे हैं, तो बिना अनुमति काम शुरू न करें। पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें, रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करें और नगर निगम से अनुमति मिलने के बाद ही बोरिंग कराएं। बिना अनुमति बोरिंग कराने पर आर्थिक दंड के साथ बोरिंग सील होने का जोखिम भी है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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