Jharkhand: झारखंड और बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में दशकों से आतंक का पर्याय रहा असिम मंडल के संगठन को बड़ा झटका लगा है। उसके दस्ते के दो शीर्ष कैडरों ने आज सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। बता दें कि 15 लाख का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन और 10 लाख रुपये की इनामी नक्सली मीता उर्फ नयनतारा ने आज कोलकाता पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। जल्द ही बंगाल पुलिस हाई-प्रोफाइल सरेंडर की आधिकारिक घोषणा करेगी।
लगातार अभियान के बाद गिरफ्तारी
बता दें कि झारखंड पुलिस के द्वारा हाल ही में असीम मंडल और उसके छह वांछित नक्सलियों के पोस्ट को लगाया गया था। बताया गया था कि असीम मंडल अपने दस्ते के साथ दलमा और उसके आसपास के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया गया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका था। जिसके बाद पुलिस के द्वारा पोस्टर गांव-गांव तक पहुंचाया गया था, जिसके बाद आज दो नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है।
सुनील महतो हत्या मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल था
असिम मंडल के साथ घुम रहे छह नक्सलियों में शामिल था रामप्रसाद मार्डी और उसकी पत्नी मीता। दोनों के द्वारा सारंडा, दलमा, अयोध्या हिल्स और जंगलमहल क्षेत्र में दर्जनों माओवादी वारदातों को अंजाम दे चुका है। जमशेदपुर के पूर्व सांसद सुनील महतो की चर्चित हत्या मामले में वह मुख्य आरोपियों में शामिल था। इसके अलावे पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स के कैंप पर हुए भीषण हमले और नरसंहार में उसकी प्रमुख भूमिका थी। वहीं सीमावर्ती जंगलों में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए गए कई बारूदी सुरंग विस्फोटों में झारखंड और पश्चिम बंगाल पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी।
असीम मंडल रह गया अकेला, मिली जानकारी के अनुसार असीम मंडल फिलहाल अकेला पड़ गया है। उसके सभी साथी एक एक कर आत्मसमर्पण कर रहे है। जो जानकारी है, उसके मुताबिक उसके साथ अब केवल चार नक्सली क्षेत्र में भ्रमण कर रहे है। जिसमे राम प्रसाद उर्फ सचिन, मंगल सिंह सरदार, मालती मूर्मू और बुलू महतो शामिल है। अब देखना होगा कब तक पुलिस के द्वारा उन्हें गिरफ्तार किया जाता है। या उनके द्वारा आत्मसमर्पण किया जाता है।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।







