Ranchi– जमशेदपुर में हाल ही में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अब राज्य में अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी अस्पताल में सुरक्षा के अभाव में किसी मरीज की जान जाती है, तो उसकी ज़िम्मेदारी उनकी होगी।
डॉ. अंसारी ने आदेश दिया है कि राज्य के सभी सदर अस्पतालों, रिम्स और मेडिकल कॉलेजों को तीन दिन के भीतर अपने भवनों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि कौन-से भवन मरम्मत योग्य हैं, कौन-से जर्जर हो चुके हैं या ध्वस्त किए जाने चाहिए। रिपोर्ट मिलते ही मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए बजट जारी कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने दो टूक कहा, “सुरक्षा सर्वोपरि है। किसी की जान से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। यह मेरी प्राथमिकता है कि जमशेदपुर जैसी घटनाएं दोबारा न हों।” उन्होंने आगे कहा कि वे अगले सप्ताह स्वयं पीड़ित परिवारों से मिलेंगे और हरसंभव सहायता सुनिश्चित करेंगे।
भावुक होते हुए डॉ. अंसारी ने कहा, “मैं डॉक्टर हूं, अपनी आंखों के सामने किसी को मरते नहीं देख सकता। पूर्व की लापरवाहियों में नहीं जाना चाहता, लेकिन अब जब मेरे पास ज़िम्मेदारी है, तो मैं इस व्यवस्था को मजबूत और बेहतर बनाना चाहता हूं। इसमें मैं सभी से सहयोग की अपेक्षा करता हूं।”
राज्य सरकार ने जमशेदपुर में राहत कार्यों को युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं और पूरी टीम मौके पर तैनात है। डॉ. अंसारी ने यह भी स्पष्ट किया कि अब अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही को सख्ती से निपटाया जाएगा।













