भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज नकारात्मक रुख के साथ हुई. वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों, घरेलू आर्थिक अनिश्चितताओं और कुछ कंपनियों के निराशाजनक तिमाही नतीजों के चलते निवेशकों ने सतर्कता बरती, जिससे बाजार पर दबाव देखने को मिला.
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 100.4 अंकों की गिरावट के साथ 80,696.44 अंक पर खुला. इसी तरह, एनएसई का निफ्टी 40.15 अंक लुढ़ककर 24,421 अंक पर आ गया. शुरुआती गिरावट के पीछे बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में बिकवाली प्रमुख कारण रही.
विशेषज्ञों के अनुसार, हाल ही में अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की मौद्रिक नीति को लेकर बनी असमंजस की स्थिति, डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी, और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया. इसके अलावा, टाइटन जैसे बड़े नामों के कमजोर तिमाही नतीजों से निवेशकों का भरोसा डगमगाया.
हालांकि, कुछ आईटी और एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को आंशिक समर्थन मिला. लेकिन कुल मिलाकर सेंटीमेंट दबाव में रहा.
निवेशकों और ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे फिलहाल सतर्क रहें और मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों में ही निवेश करें. साथ ही, बाजार की दिशा पर नज़र रखने के लिए वैश्विक संकेतों और तिमाही नतीजों का बारीकी से विश्लेषण करना जरूरी है.













