धनबाद: जमुनिया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में कार्यरत कोलकर्मी गीता देवी के निधन के बाद शनिवार को उनके परिजनों ने ब्लॉक-2 क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष शव रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने मृतका के आश्रित पुत्र को तत्काल नियोजन देने की मांग की। इस दौरान यूनियनों के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और परिजनों के साथ मिलकर प्रबंधन पर दबाव बनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रबंधन की ओर से बताया गया कि नियमानुसार 90 दिनों के भीतर आश्रित को नियोजन दिया जाएगा। लेकिन परिजन तत्काल नियोजन की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए विधायक शत्रुघ्न महतो, एजीएम राजीव कुमार, एपीएम अनिल कुमार व यूनियन प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की गई।
वार्ता के बाद यह सहमति बनी कि मृतक कर्मी के आश्रित पुत्र को तत्काल प्रोविजनल नियोजन दिया जाएगा तथा अन्य पावना राशि का भी शीघ्र भुगतान किया जाएगा। यूनियन की ओर से तुलसी साव, मुरारी पांडेय सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि 21 मार्च को ड्यूटी से घर लौटते समय गीता देवी की तबीयत बिगड़ गई थी। इलाज के दौरान 10 मई को उनकी मृत्यु हो गई।












