झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मंईयां सम्मान योजना’ को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है. राज्य भर में इस योजना के 2,48,644 लाभुकों में से अब करीब 7,000 महिलाओं का नाम सूची से हटाया जाएगा, जिसके बाद लाभुकों की कुल संख्या घटकर लगभग 2,41,000 रह जाएगी.
पश्चिमी सिंहभूम में सबसे अधिक नाम कटने की संभावना
इस सूची में कटौती का सबसे बड़ा असर पश्चिमी सिंहभूम जिले पर पड़ेगा, जहां करीब 7,000 महिलाएं योजना से बाहर हो जाएंगी. इनमें:
- 4,000 महिलाएं ऐसी हैं जिनकी उम्र 1 अप्रैल 2025 तक 50 वर्ष पूरी हो चुकी है.
- शेष 3,000 महिलाएं ऐसी हैं जो या तो सरकारी सेवाओं, योजनाओं, पेंशन या पारा शिक्षक के परिवार से जुड़ी हैं या फिर गलत दस्तावेज जमा करने की वजह से अपात्र पाई गई हैं.
राज्य सरकार ऐसे अपात्र लाभुकों की समीक्षा और पहचान का कार्य तेजी से कर रही है.
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मंईयां योजना की पात्रता: 18 से 50 वर्ष की महिलाएं
मंईयां सम्मान योजना का लाभ केवल 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को दिया जाता है. सरकार का कहना है कि जिन महिलाओं की उम्र 50 वर्ष पार हो चुकी है, उन्हें अब योजना से बाहर किया जाएगा.
50+ उम्र की महिलाओं के लिए वृद्धा पेंशन योजना
राज्य सरकार ने 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए वृद्धा पेंशन योजना शुरू की है. योजना से बाहर हो रही महिलाएं अब प्रखंड कार्यालय में आवेदन करके वृद्धा पेंशन के लिए पात्र बन सकती हैं. इस योजना के तहत प्रत्येक माह ₹1,000 की सहायता राशि दी जाएगी.
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दस्तावेजों की जांच से बढ़ी पारदर्शिता
राज्य सरकार द्वारा दस्तावेजों और पात्रता की जांच के इस कदम को पारदर्शिता और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. इस प्रक्रिया से योजनाओं में फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिलेगी.












