Jharkhand: न्यू सीएफआरआई कॉलोनी सेक्टर-1, वनकाली रोड, गोविंदपुर के अभिनीत पांडेय ने JEE Advanced 2025 में ऑल इंडिया रैंक 101 प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे गोविंदपुर का मान बढ़ा दिया। इससे पहले उन्होंने JEE Mains 2025 में 99.99 प्रतिशताइल के साथ AIR 167 हासिल की थी।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
अभिनीत के पिता प्रीतम कुमार पांडेय वर्तमान में एसबीआई, निरसा में कार्यरत हैं। वे पहले भारतीय वायु सेना में सेवारत थे और 2017 में सेवानिवृत्त होकर बैंक सेवा से जुड़े। मां पोम्पी पांडेय गृहिणी हैं। परिवार वर्ष 2012 से गोविंदपुर में रह रहा है। अभिनीत के बाबा विजय प्रसाद पांडेय बीसीसीएल से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, जिन्होंने 2011 में मुनीडीह कोलियरी से अवकाश प्राप्त किया।
शिक्षा और मेहनत की कहानी
अभिनीत प्रारंभ से ही मेधावी रहे हैं। पिता की सेना में नौकरी के कारण उन्होंने कक्षा 4 तक की पढ़ाई असम से की। कक्षा 5 से 10वीं तक की पढ़ाई डीपीएस धनबाद से कर 97.4% अंक अर्जित किए। इसके बाद उन्होंने कोटा से इंटरमीडिएट में 95.4% अंक प्राप्त किए। 2023 से वे कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे थे।
कोटा में हुआ सम्मान समारोह
2 जून 2025 को कोटा में अभिनीत की उपलब्धि को लेकर एक भव्य सेलिब्रेशन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें सम्मानित किया गया। इस समारोह में उनके पिता, मां और छोटी बहन आराध्या पांडेय (डीपीएस धनबाद की छात्रा) भी शामिल हुईं। ये सभी 29 मई को कोटा रवाना हो गए थे। इस समय घर पर उनके बाबा और फुआ मौजूद हैं।
अंकिता के बाद अभिनीत की कामयाबी से गोविंदपुर का मान बढ़ा
दो दिन पहले ही टुंडी रोड गोविंदपुर निवासी अंकिता दत्ता ने जैक बोर्ड 12वीं साइंस टॉपर बनकर गोविंदपुर को गौरवान्वित किया था। अब अभिनीत पांडेय ने JEE Advanced में टॉप 200 में स्थान बना गोविंदपुर के शैक्षणिक वातावरण को नई ऊँचाइयों पर पहुंचा दिया है।
बाबा की आंखों में छलकी खुशी
रिजल्ट की सूचना मिलते ही बाबा विजय पांडेय की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने भावुक होकर कहा – “काश! आज दादी भी जीवित होतीं।”
पिता प्रीतम पांडेय ने इसे दुर्लभ रैंक बताया, वहीं मां पोम्पी पांडेय ने कहा, “मुझे बेटे की मेहनत पर पूरा भरोसा था।”
फुआ प्रीति और पड़ोसी बैजनाथ राम ने इसे पूरे मोहल्ले के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। अभिनीत पांडेय की यह सफलता सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि गोविंदपुर की शिक्षा संस्कृति की एक नई पहचान है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र और भी मेधावी विद्यार्थियों को प्रेरित करेगा।













