Jharkhand News: राजधानी रांची स्थित रेडिसन ब्लू होटल में आज एशोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (AHPI) कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया. इस दौरान राज्यभर के निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि, प्रबंधक एवं चिकित्सक शामिल हुए. आयोजन का मुख्य उद्देश्य आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के अंतर्गत लंबित सरकारी बिलों के भुगतान से जुड़े मुद्दों पर विचार करना था.
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का सख्त संदेश
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी अस्पताल प्रबंधकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित विभाग को एक दिन के भीतर लंबित बकाया बिलों के भुगतान का स्पष्ट निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि “गरीबों के आयुष्मान कार्ड को एटीएम समझने की भूल न करें. कुछ अस्पताल कार्ड को स्वाइप कर पूरा पैसा निकाल लेते हैं और मरीज को रिम्स रांची रेफर कर देते हैं. यह पूरी तरह अस्वीकार्य है. गरीबों को उनके हक का इलाज मिलना चाहिए.”
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लंबित भुगतान की स्थिति और आंकड़े
- 11 फरवरी 2025 से अब तक ₹192 करोड़ का भुगतान लंबित
- पिछले 7 वर्षों में ₹2284 करोड़ का कुल भुगतान
- ₹485 करोड़ : 3 लाख सरकारी अस्पताल मरीजों के लिए
- ₹2000 करोड़+ : 14 लाख निजी अस्पताल मरीजों के लिए
डॉ. अंसारी ने जानकारी दी कि नेशनल एंटी फ्रॉड यूनिट द्वारा चिन्हित 212 अस्पतालों की जांच के कारण कुछ भुगतान रुके हैं. वहीं, अन्य 350 अस्पतालों में तकनीकी अड़चनों के कारण देरी हो रही है, जिन्हें NHA के सहयोग से जल्द सुलझाया जाएगा.
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रिम्स-2 के निर्माण की घोषणा
राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए मंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि “रिम्स-2 का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा रहा है. अगले दो वर्षों में यह सपना साकार होगा.” उन्होंने आगे यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं एक सेवा हैं, व्यवसाय नहीं. योग्य कार्य करने वालों को सरकार का पूर्ण सहयोग मिलेगा, लेकिन लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी.













