Jharkhand News: आजकल Social media पर Reels एक नया ट्रेंड बन गया है. हर कोई वायरल होने के लिए अपने हदें भूल रहा है. कभी ऊँची इमारतों की छत पर, तो कभी तोज रफ्तार गाड़ियों के बीच, तो कभी डैम में या फॉल पर लोग एक परफेक्ट Reel के लिए लोग अपनी जान तक दांव पर लगा देते है.
वहीं, हजारीबाग में सोशल मीडिया पर एक परफेक्ट रील बनाने की कोशिश दो युवकों के लिए जानलेवा साबित हुई. दरअसल, जनसंपर्क विभाग से जुड़ी एक आउटसोर्सिंग कंपनी के दो कर्मी आशीष कुमार पासवान और विशाल कुमार राम, मंगलवार की शाम करीब 4 बजे घाघरा डैम में डूब गए. Reel बनाते वक्त एक का पैर फिसला और दूसरा उसे बचाने की कोशिश में खुद भी करीब 100 फीट नीचे डैम में गिर पड़ा. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.
मृतकों में आशीष कटकमदाग प्रखंड का रहने वाला था, जबकि विशाल सदर प्रखंड के चानो बहेरी गांव का निवासी था. दोनों प्रचार वाहन (JH 01 FW 7105) से डैम क्षेत्र में पहुंचे थे और झरने के पास मोबाइल से Reel बना रहे थे. हादसे की सूचना मिलते ही केरेडारी पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया.
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रील का शौक, मौत की छलांग
वहां मौजूद लोगों के अनुसार, युवक डैम के ऊपरी हिस्से में एक खूबसूरत झरने के पास खड़े होकर रील बना रहे थे. इसी दौरान एक का पैर फिसला और जब दूसरे ने उसे बचाने की कोशिश की, तो दोनों असंतुलित होकर करीब 100 फीट गहरे वाटर फॉल में गिर पड़े. दोनों को सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई.
परिवार में मातम, विभाग में शोक
दोनों युवक सरकारी जनसंपर्क अभियानों में लगे थे और सोशल मीडिया प्रचार-प्रसार का हिस्सा थे. हादसे की खबर मिलते ही उनके गांवों में कोहराम मच गया. साथ ही विभागीय सूत्रों ने घटना पर दुख जताते हुए सुरक्षा मानकों पर पुनर्विचार की जरूरत बताई है.
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पुलिस कर रही जांच
केरेडारी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है. पुलिस ने कहा है कि डैम जैसे खतरनाक इलाकों में आम लोगों की नियंत्रित एंट्री और चेतावनी संकेत आवश्यक हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें.
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ये घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, एक चेतावनी है — सोशल मीडिया के लिए बनाई गई एक रील की कीमत दो जिंदगियों ने चुकाई. ऐसे हादसे यह सवाल छोड़ जाते हैं कि क्या लाइक्स और व्यूज़ जिंदगी से ज्यादा कीमती हो सकते हैं?












