eid-ul-azha: मुस्लिम समाज का प्रमुख पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) शनिवार, 7 जून को पूरे उल्लास, श्रद्धा और भाईचारे के साथ मनाया गया। त्याग और बलिदान के प्रतीक इस पर्व को लेकर सिंदरी, कुमारधुबी सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
सिंदरी में सौहार्द का संदेश
सिंदरी की जामा मस्जिद में मौलाना गुलाम मोहिउद्दीन ने ईद की विशेष नमाज अदा करवाई और समाज में परस्पर सहयोग, भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। नमाज के बाद मो. कामरान अख्तर, शब्बीर आलम, जलाल अंसारी, मो. शमीम, मो. आजाद और मो. इरफान ने नमाजियों को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
रोहड़ाबांध स्थित सीआरपीएफ मस्जिद में मौलाना याक़ूब ने नमाज अदा करवाई और शांति की कामना की। मो. रिजवान ने सभी को बकरीद की बधाई दी। सुरक्षा को लेकर सिंदरी थाना प्रभारी संजय कुमार और गौशाला ओपी प्रभारी रवि कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल मुस्तैद रहा। पीसीआर वैन भी लगातार गश्त करते नजर आए।
कुमारधुबी के शिबलीबाड़ी ईदगाह में नमाज
कुमारधुबी के शिबलीबाड़ी ईदगाह में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने बकरीद की नमाज अदा की। मौलाना मसूद अख्तर ने अपने संबोधन में अमन, शांति और पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम के बलिदान के संदेश पर चलने की अपील की। उन्होंने पर्व को पाकीज़गी और भाईचारे से मनाने का आग्रह किया। उन्होंने प्रशासन और सरकार का आभार जताया।
इस अवसर पर कुमारधुबी ओपी प्रभारी राजेश लोहरा ने भी ईदगाह में उपस्थित रहकर सभी को ईद की बधाई दी और भाईचारे के इस पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की। ईदगाह के आसपास प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा।
ग्रामीण इलाकों में भी पर्व की धूम
सिंदरी प्रखंड के महतोडीह, कोरीडीह, मुरलीपहाड़ी, चंदाडीह, लखनपुर, मिर्जापुर, बाकुड़ीह, पतरोड़ीह आदि गांवों में भी ईद-उल-अजहा की नमाज सुबह 7 से 9 बजे के बीच अदा की गई। नमाजियों ने देश की तरक्की और अमन-चैन के लिए दुआ की और फिर एक-दूसरे से गले मिलकर पर्व की बधाइयाँ दी।
ईदगाहों के समीप पुलिस बल की तैनाती और प्रशासन की चौकसी पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन में मददगार साबित हुई। नमाज के बाद लोगों ने अपने-अपने घरों में अल्लाह की रजा में कुर्बानी पेश की।
बकरीद: त्याग और विश्वास का प्रतीक
बकरीद को पैगंबर इब्राहिम अलैहिस्सलाम के त्याग और अल्लाह पर अटूट विश्वास की याद में मनाया जाता है। यह पर्व न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश में एकता, भाईचारे और इंसानियत के पैगाम के साथ मनाया गया।












