रांची के प्रसिद्ध धुर्वा स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर में 27 जून को भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी. जिसको लेकर मंदिर प्रशासन की विशेष तैयारियां चल रही हैं. जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं, इसलिए इस वर्ष भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है.
11 जून को प्रभु जगन्नाथ की स्नान यात्रा
इस बार 11 जून को मंदिर से प्रभु जगन्नाथ की महास्नान यात्रा निकाली जाएगी. स्नान यात्रा और मंगल आरती के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा 15 दिनों के लिए अनासार काल में चले जाएंगे, जिससे भक्तों को उनका दर्शन नहीं होगा. इस दौरान देवी-देवताओं का जड़ी-बूटियों से उपचार होता है, जिसे एक धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है.
‘नेत्रोत्सव’ 26 जून को
धुर्वा जगन्नाथ मंदिर में 26 जून को आयोजित किया जाने वाला नेत्रोत्सव रथ यात्रा से एक दिन पहले का एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है. नेत्रोत्सव को ‘नवयौवन दर्शन’ के नाम से भी जाना जाता है, जो भगवान जगन्नाथ और उनकी स्वजनों के स्वस्थ होने का प्रतीक है. इस दिन विग्रहों को नए वस्त्र और आभूषण से सजाया जाता है, जो उनके नए यौवन और ऊर्जा का प्रतीक है.
नवयौवन दर्शन का आध्यात्मिक महत्व
अनासार काल के बाद, जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का प्रथम सार्वजनिक दर्शन ‘नवयौवन दर्शन’ कहलाता है, जिसका अर्थ है देवताओं का नया और युवा रूप. यह अनुष्ठान जीवन, मृत्यु और पुनर्जन्म के शाश्वत चक्र का प्रतिनिधित्व करता है. यह रथ यात्रा से पहले का प्रमुख आध्यात्मिक कार्यक्रम होता है.
27 जून को निकलेगी भव्य रथ यात्रा
नेत्रोत्सव के बाद, 27 जून को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकलेगी, जो धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है.











