Dhanbad News: नीरज सिंह हत्याकांड में जेल में बंद शूटर सागर सिंह ने सोमवार को अर्जी देकर SFSL रांची के डायरेक्टर आर.एस सिंह एवं डिप्टी डायरेक्टर बी.के ठाकुर को गवाही हेतु बुलाने की अर्जी अदालत में दायर की है। कोर्ट को दिए आवेदन में सागर सिंह ने कहा है कि SFSL के द्वारा विभिन्न तरह के सामानों की जांच की गई थी। FingerPrint, DNA भी जांच की गई थी, क्राइम सीन पर SFSL ने फोटोग्राफ्स भी बनाए थे परंतु उन्हें अभियोजन ने गवाही के लिए नहीं बुलाया. दोनों गवाह विशेषज्ञ गवाह है जिनकी गवाही इस मामले में आवश्यक है इसलिए उन्हें गवाही देने हेतु नोटिस जारी किया जाए. अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के लिए मंगलवार की तारीख निर्धारित की है. बताते हैं कि इसके पूर्व सागर सिंह की अर्जी को अदालत ने 8 अप्रैल 25 को खारिज कर दिया था। सागर के द्वारा दोबारा यह अर्जी दी गई है। अभियोजन ने आरोप पत्र के कुल 70 गवाहों में से 37 गवाहों का परीक्षण अदालत में कराया है. जबकि SFSL के डायरेक्टर व डिप्टी डायरेक्टर का परीक्षण नहीं कराया। अबकी बार आवेदन में कहा गया है कि मामले के अनुसंधानकर्ता ने आरोप पत्र के साथ SFSL की रिपोर्ट को अदालत में नहीं सौंपा था.
21 मार्च 2017 के संध्या 7 बजे नीरज सिंह अपने फॉच्यूनर कार JH-10-AR-4500 से सरायढ़ेला स्थित अपने आवास रघुकुल लौट रहे थे। वह ड्राईवर के साथ आगे सीट पर बैठे थे। पीछे के सीट पर उनका सहायक सरायढ़ेला न्यू कॉलोनी निवासी अशोक यादव और दो निजी अंगरक्षक मुन्ना तिवारी बैठे थे। स्टील गेट के पास बने स्पीड ब्रेकर पर नीरज की गाड़ी की रफ्तार कम होते ही दो बाईक पर सवार कम से कम 4 हमलावरों ने उनकी कार पर गोलियों की बरसात कर हत्या कर दी थी।












