Ranchi: झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने अपने कार्यालय कक्ष में साहित्यकार और कवि धनेश्वर सिंह राय की नवीनतम पुस्तक “उद्गार” का विमोचन किया।
साहित्य और समसामयिक चिंतन का संगम है ‘उद्गार’
झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र से आने वाले धनेश्वर सिंह राय को ‘काल कवि’ के रूप में ख्याति प्राप्त है। उनकी नई पुस्तक उद्गार एक समृद्ध काव्य संग्रह है, जिसमें समसामयिक विषयों पर लेख भी संकलित हैं। इस संग्रह में प्रकाशित कविता “रवि प्रकाश पुंज हैं” विशेष रूप से विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो को समर्पित है। कविता की शुरुआती पंक्तियाँ इस प्रकार हैं:
“बादल चाहे कितना भी गहरा हो
सूरज को क्षणिक देर नहीं ढक पाएगा
बादल छँटते ही रवि प्रकाश पुंज
स्वतः प्रकृति पर रवि प्रकाश फैलाएगा॥”
कृषि से जुड़ाव के साथ साहित्य सेवा प्रेरणादायक – रबींद्रनाथ महतो
इस अवसर पर रबींद्रनाथ महतो ने कहा, “धनेश्वर जी लंबे समय से लेखन कार्य से जुड़े हुए हैं। उनका झारखंड के प्रति प्रेम और संवेदनाएँ उनकी लेखनी में स्पष्ट झलकती हैं। कृषि कार्य से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने साहित्यिक जगत में जो योगदान दिया है, वह अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक है।”
उन्होंने लेखक को आगे भी रचनात्मक यात्रा जारी रखने की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि “उद्गार” जैसे साहित्यिक प्रयास समाज को जागरूक करने का कार्य करते हैं।












