Sports news: पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की संतान, अनाया बांगड़, हाल ही में अपने जेंडर ट्रांजिशन को सार्वजनिक रूप से साझा कर समाज में एक नई सोच की मिसाल बनी हैं.जन्म से आर्यन के नाम से जानी जाने वाली अनाया ने बताया कि वह बचपन से ही खुद को एक लड़की के रूप में महसूस करती थीं. यह पहचान भीतर से उनकी सच्चाई थी, जिसे समाज के डर और पारिवारिक अपेक्षाओं के कारण वे लंबे समय तक सामने नहीं ला सकीं.
जीवन का कठीन निर्णय
अनाया ने बताया कि किशोरावस्था के दौरान उन्हें लगातार मानसिक द्वंद्व और हार्मोनल समस्याओं का सामना करना पड़ा. अपने जीवन को खुलकर जीने की चाह ने उन्हें उस कठिन निर्णय तक पहुंचाया, जिससे वह आज एक सशक्त महिला के रूप में सामने आई हैं. इंग्लैंड में रहकर उन्होंने न केवल ट्रांजिशन प्रक्रिया को अपनाया, बल्कि खुद को आत्मविश्वास के साथ स्वीकार भी किया.
उनका कहना है, “मुझे लगा जैसे मैं पहली बार पूरी तरह खुद को पा सकी हूँ. मेरे लिए यह केवल लिंग परिवर्तन नहीं था, यह आत्मा की पहचान थी.”
परिवार और दोस्तों से हमेशा समर्थन मिला
परिवार और दोस्तों से मिले समर्थन ने इस प्रक्रिया को थोड़ा आसान बनाया. हालांकि, सोशल मीडिया और बाहरी दुनिया से मिली प्रतिक्रियाओं का सामना करना आसान नहीं था. बावजूद इसके, अनाया डटी रहीं और अब दूसरों को अपनी पहचान के प्रति ईमानदार रहने की प्रेरणा दे रही हैं.












