JharkhandUpdates: ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस की एक अहम बैठक सोमवार को दिल्ली स्थित 10 जनपथ में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में मध्यप्रदेश, राजस्थान और झारखंड से कई आदिवासी विधायक और सांसद शामिल हुए। झारखंड की ओर से कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने राज्य के आदिवासी मुद्दों को मजबूती से उठाया।
राज्य में जमीन विवादों पर जताई चिंता, सर्वे और लीगल काउंसिल की रखी मांग
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा किए गए लैंड डिजिटाइजेशन ने आदिवासी समुदाय को भारी नुकसान पहुंचाया है। गलत नाम, प्लॉट नंबर और पंजी-2 में हेरफेर कर रैयतों को उनकी ही जमीन से बेदखल करने की कोशिशें हुईं। उन्होंने कहा कि आज भी आदिवासी परिवार अपने जमीन से जुड़े दस्तावेज लेकर अंचल कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
उन्होंने राज्य में नई भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया शुरू करने और “ट्राइबल लीगल काउंसिल” के गठन का प्रस्ताव रखा, जिससे आदिवासी परिवारों को मुफ्त कानूनी सहायता और मार्गदर्शन मिल सके। साथ ही, गांव-गांव में भूमि सुधार कैंप लगाने की मांग की जिससे पुराने रिकॉर्ड में सुधार किया जा सके।
जनगणना में सरना धर्म कॉलम की मांग, जादूगोड़ा मुद्दा भी उठाया
मंत्री तिर्की ने 2026 की प्रस्तावित जनगणना में प्राकृतिक धर्म को मानने वाले आदिवासियों के लिए “सरना धर्म” कॉलम या सातवां कॉलम जोड़ने की वकालत की। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना में भी ऐसा कॉलम था, जिसे इस बार फिर से लागू किया जाना चाहिए ताकि आदिवासी पहचान को संवैधानिक मान्यता मिल सके।
इसके साथ ही उन्होंने सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा में न्यूक्लियर वेस्ट डंपिंग से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं पर चिंता जताई। मंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार से प्रभावित आदिवासी परिवारों के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
परिसीमन पर भी रखी स्पष्ट राय
मंत्री ने कहा कि अगर झारखंड में परिसीमन होता है, तो आरक्षित आदिवासी सीटों की स्थिति बनी रहनी चाहिए, वरना आदिवासी समाज का राजनीतिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
बैठक में रहे ये प्रमुख चेहरे
इस महत्वपूर्ण बैठक में ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, झारखंड प्रभारी के. राजू, और झारखंड के आदिवासी सांसद-विधायक भी उपस्थित थे। सभी ने आदिवासी हितों से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा की और राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित करने की रणनीति पर विचार किया।












