Jharkhand: झारखंड की राजधानी रांची के सिल्ली प्रखंड अंतर्गत मुरी ओपी क्षेत्र में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक रॉयल बंगाल टाइगर एक व्यक्ति के आवासीय परिसर में घुस गया। यह घटना कोचो पंचायत के पूरण चंद महतो के घर में हुई, जहां बाघ घर के एक कमरे में बंद हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई है और बाघ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। बाघ को लेकर ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है।
इलाके में निषेधाज्ञा लागू
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान किसी भी तरह की बाधा न हो और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, इसके मद्देनजर अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, रांची ने BNS की धारा 163 के तहत 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
निषेधाज्ञा में निम्नलिखित पाबंदियां लागू की गई हैं:
- पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का एक जगह इकट्ठा होना वर्जित।
- किसी भी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) चलाने पर रोक।
- अस्त्र-शस्त्र जैसे बंदूक, बम, बारूद, रिवॉल्वर आदि लाने पर प्रतिबंध (सरकारी कर्मचारियों को छूट)।
- लाठी, भाला, गड़ासा, तीर-धनुष जैसे हथियार लेकर चलने की मनाही।
- किसी भी प्रकार की आमसभा, बैठक या रैली पर रोक।
यह निषेधाज्ञा 25 जून 2025 को दोपहर 3 बजे से लेकर अगले दिन सुबह 9 बजे तक प्रभावी रहेगी।
रेस्क्यू टीम अलर्ट पर, पलामू टाइगर रिजर्व से विशेषज्ञ बुलाए गए
वन विभाग ने बताया कि बाघ को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। पलामू टाइगर रिजर्व से विशेषज्ञों की टीम भी बुला ली गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और पुलिस प्रशासन मुस्तैदी से निगरानी कर रहा है।












