Jharkhand: राजधानी रांची स्थित रिम्स (RIMS) अस्पताल पर एक बार फिर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। धनबाद से इलाज के लिए लाए गए तीन साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की तबीयत अचानक खराब होने के बाद उसे धनबाद से रेफर कर रिम्स लाया गया था।
समय पर इलाज और ऑक्सीजन नहीं, आरोप परिजनों का
परिजनों के मुताबिक, सुबह करीब 11 बजे मासूम को रिम्स लाया गया। हालत नाजुक होने के बावजूद न तो तत्काल इलाज शुरू किया गया और न ही ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की गई। परिजनों ने बार-बार डॉक्टर और स्टाफ से गुहार लगाई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
करीब 3 से 4 घंटे तक इलाज के इंतजार में बच्चा तड़पता रहा और अंततः उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद एडमिट करने की कोशिश, भड़के परिजन
परिजनों ने आरोप लगाया कि जब बच्चे ने दम तोड़ दिया तब अस्पताल स्टाफ ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर आया और बच्चे को भर्ती करने की औपचारिकता पूरी करने लगा। इस पर परिजन भड़क गए और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए।
परिजनों का बयान – “पहले रिम्स सुधरे, फिर रिम्स-2 का सपना देखें”
गुस्साए परिजनों ने कहा,
“अगर सही समय पर इलाज होता तो मेरा बच्चा जिंदा होता। पहले रिम्स की हालत सुधारिए, फिर रिम्स-2 का सपना देखिए।”
रिम्स प्रशासन पर उठे सवाल
झारखंड का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल रिम्स आए दिन अपनी व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में रहता है। मरीजों और परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही, उपकरणों की कमी और सिस्टम की बदइंतजामी के कारण आए दिन मरीजों की जान जा रही है।
यह घटना रिम्स प्रशासन और झारखंड स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। अब देखना होगा कि सरकार और अस्पताल प्रबंधन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।












