Ranchi: झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में 12 वर्षीय नाबालिग की मौत का मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआती दौर में जिस घटना को दुष्कर्म और बर्बरता से जोड़कर देखा जा रहा था, पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आते ही पूरी कहानी बदल गई। मेडिकल रिपोर्ट ने उन तमाम दावों और अफवाहों को खारिज कर दिया है, जिससे अब जांच की दिशा पूरी तरह बदल चुकी है। इस खुलासे के बाद राज्य की सियासत भी तेज हो गई है और कांग्रेस ने BJP पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली सच्चाई
मामले में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बच्ची की मौत दम घुटने और सांस रुकने (अस्फिक्सिया) से हुई है। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि नाबालिग के साथ किसी भी तरह का जैविक दुष्कर्म नहीं हुआ था। इसके अलावा, आंखें निकालने, जीभ काटने और शरीर के अंगों के साथ बर्बरता किए जाने जैसी चर्चाएं भी पूरी तरह गलत और भ्रामक साबित हुई हैं।
रिपोर्ट सामने आने के बाद गांव और आसपास के इलाकों में फैली सनसनी और डर का माहौल काफी हद तक शांत हुआ है। पुलिस अब इस मामले को नए एंगल से देख रही है।
जांच में नया मोड़: घरेलू रिश्तों की तरफ इशारा
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अब यह मामला घरेलू रिश्तों और कथित अवैध संबंधों की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि बच्ची ने अनजाने में कोई ऐसा राज देख लिया था, जिसे छिपाने के लिए उसकी हत्या कर दी गई।
बताया जा रहा है कि घटना के बाद शव को गांव के बाहर फेंककर मामले को सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का रूप देने की कोशिश की गई, ताकि असली वजह छिपाई जा सके।
पुलिस की कार्रवाई: कई लोग हिरासत में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक महिला समेत करीब आधा दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। संबंधित महिला को पुलिस सुरक्षा में शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उसे एक गुप्त स्थान पर रखा गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह वैज्ञानिक साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
कांग्रेस का हमला: “भाजपा ने फैलाया भ्रम और भय”
मामले में नया खुलासा होने के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दिनों से BJP राज्य में भ्रम और भय का माहौल बनाकर जनता को गुमराह कर रही थी।
दूबे ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता बिना किसी ठोस सबूत के गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे और मामले को राजनीतिक रंग देकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे।
“आरोपी के साथ घूमकर राजनीति कर रही थी भाजपा”
आलोक दूबे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले का एक आरोपी BJP से जुड़ा हुआ है और वह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के साथ घूम-घूमकर गिरफ्तारी की मांग कर रहा था। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भाजपा इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आई।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह BJP नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, अब सच्चाई सामने आने के बाद उन्हें फिर से जनता के सामने आकर माफी मांगनी चाहिए।
“साजिश कर राज्य को बदनाम करने की कोशिश”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि BJP एक सुनियोजित साजिश के तहत राज्य को बदनाम करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन वह इसमें असफल रही। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब भाजपा के संरक्षण में आपराधिक और माफिया तत्व सक्रिय हुए हैं।
चेतावनी: माफी नहीं तो सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस
आलोक कुमार दूबे ने साफ चेतावनी दी कि अगर BJP ने इस मामले में जनता से माफी नहीं मांगी, तो कांग्रेस कार्यकर्ता राज्यभर में सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में जांच एजेंसियों को समय देना चाहिए, लेकिन भाजपा ने शुरुआत से ही राजनीति कर माहौल खराब करने का काम किया।
पीड़िता का परिवार और घटना की पृष्ठभूमि
बताया जा रहा है कि मृत बच्ची का पिता मुंबई में काम करता है। घटना 24-25 मार्च की रात की है, जब मंगला जुलूस के दौरान बच्ची अचानक घर लौट आई थी। आशंका है कि उसी दौरान उसने कुछ ऐसा देख लिया, जो उसके लिए जानलेवा साबित हुआ।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे इस केस की परतें खुलती जा रही हैं। अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और अंतिम खुलासे पर टिकी है।












