Kedarnath Landslide news: गौरीकुंड-केदारनाथ मार्ग पर जंगलचट्टी में सरकारी कार्य के लिए नियुक्त एक उपठेकेदार द्वारा कथित तौर पर नियुक्त तीन अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए.
केदारनाथ धाम को जाने वाले रास्ते पर मलबा हटाने के काम में लगे दो मजदूरों की बुधवार को भूस्खलन में मौत हो गई. भूस्खलन में वे पहाड़ी से फिसलकर नीचे घाटी में गिर गए.
2 मजदूरों की मौत
तीन अन्य मजदूर, जो कथित तौर पर सरकारी काम के लिए नियुक्त एक सब-कॉन्ट्रैक्टर के तहत जंगलचट्टी में काम कर रहे थे, गंभीर रूप से घायल हो गए. ये सभी मजदूर छोटे-छोटे भूस्खलनों से रास्ता साफ करने का काम कर रहे थे ताकि चारधाम यात्रियों को सुरक्षित रास्ता मिल सके. पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान नितिन कुमार और चंद्रशेखर के रूप में हुई है. दोनों जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से थे. रुद्रप्रयाग जिले के आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने बताया कि घायल मजदूरों को गौरीकुंड के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
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उन्होंने कहा, “ये सभी भूस्खलन की चपेट में आ गए और घाटी में गिर पड़े. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (NDRF) ने उन्हें गहरी खाई से निकाला. दो की मौके पर मौत हो गई जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हैं.”
अलर्ट जारी किया गया
राजवार ने आगे कहा, “मौसम विभाग ने 23 जून तक भारी बारिश की चेतावनी दी है. लोगों को सतर्क रहने और सभी सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है. सरकारी एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं. इस मौसम में यहां का मौसम कभी भी बदल सकता है.”
मौसम विभाग ने बुधवार सुबह ही खराब मौसम की चेतावनी जारी की थी, फिर भी श्रद्धालुओं के लिए रास्ता खुला रखा गया था. बरसात के मौसम में उत्तराखंड की नाज़ुक पहाड़ियों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं.













